रांची : JPSC-JSSC में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे “JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान” के तहत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो वर्तमान में सदर अस्पताल में इलाजरत हैं। देवेन्द्र नाथ महतो को अस्पताल से पुनः जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर लाने की मांग को लेकर आज छात्र-युवा प्रतिनिधियों द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को मुकेश महतो, दीनबंधु मंडल एवं रामा अवतार महतो ने संबोधित किया।
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देवेंद्र नाथ महतो को वापस लाने की मांग
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवेन्द्र नाथ महतो का शरीर वर्तमान में अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन उनका संघर्ष और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर आंदोलनरत छात्र-युवाओं के साथ है। उन्होंने अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर जाने की अनुमति के लिए संबंधित अस्पताल प्रशासन को लिखित आवेदन भी दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज एवं धक्का-मुक्की के बाद देवेन्द्र नाथ महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बावजूद उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। ऐसे में उनके साथी छात्र-युवा चाहते हैं कि चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने साथियों के बीच सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए।
प्रेस वार्ता में प्रमुख मांगें
1. चिकित्सकीय स्थिति एवं सक्षम चिकित्सक की सलाह के आधार पर देवेन्द्र नाथ महतो को सदर अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए।
2. उन्हें सत्याग्रह स्थल तक आने में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
3. यदि प्रशासन उन्हें अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने से रोकता है, तो रोकने का स्पष्ट कारण, संबंधित आदेश तथा कानूनी/प्रशासनिक आधार लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए।
4. यदि उन्हें चिकित्सकीय कारणों से रोका जाता है, तो संबंधित चिकित्सकीय सलाह/रिपोर्ट अथवा सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी का स्पष्ट लिखित मत सार्वजनिक/उपलब्ध कराया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि यह मांग केवल किसी एक व्यक्ति को आंदोलन स्थल पर लाने की नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्र-युवाओं की भावना और विश्वास से जुड़ी है, जो JPSC-JSSC में पारदर्शिता एवं न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “शरीर अस्पताल में है, लेकिन संघर्ष का संकल्प अडिग है”—यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि आंदोलन के प्रति देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रेस वार्ता में छात्र-युवा प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से अपील की कि मामले को मानवीय, चिकित्सकीय एवं लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से देखते हुए देवेन्द्र नाथ महतो को उचित चिकित्सकीय सलाह एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति प्रदान की जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्र-युवाओं का आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा और झारखंडी छात्रों के सम्पूर्ण न्याय तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

