रांची: भाजपा ने हेमंत सरकार के द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 11 अगस्त को झारखंड बंद की घोषणा की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उक्त घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे से ही बंदी प्रारंभ हो जाएगी। झारखंड बंद के दौरान झारखंड पूरा ठप्प रहेगा। केवल आवश्यक सेवाएं चालू रहेगी। कांवरियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस दिशा में सकारात्मक सहयोग करने की अपील भी की।
इसे भी पढ़ें : रांची में छात्रों के आंदोलन के दौरान प्रशासन की भूमिका को सीएम हेमंत सोरेन ने सराहा, छात्रों के लिए कही ये बात
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विगत 17 दिनों से राज्य के छात्र कुंभकर्णी निद्रा में सोई राज्य सरकार को जगाने और 14 वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा सहित पिछले 7 वर्ष में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग का आग्रह कर रहे थे लेकिन हेमंत सरकार ने दमनात्मक रवैया अपनाया है। भारतीय जनता पार्टी की इसकी कड़ी निंदा करती है। राज्य सरकार ने बच्चों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है। उन पर चार-चार बार लाठीचार्ज किया गया। रात्रि के 9:00 बजे भी छात्रों को पीटा गया। इस दौरान सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं, कई छात्रों के लापता होने की भी सूचना है। कांग्रेस के समर्थन से चल रही हेमंत सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी। इस सरकार ने वार्ता के नाम पर धोखा देने और ठगने का काम किया है। भाजपा चेतावनी देती है कि यह तानाशाही रवैया हेमंत सरकार बंद करें। भाजपा 24 घंटे छात्रों के साथ खड़ी है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस, राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि राहुल गांधी हेमंत सरकार से दो टूक बात करें। कांग्रेस राज्य सरकार से सीबीआई जांच करवाएं या फिर समर्थन वापसी की घोषणा करे।।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं की नौकरी बेचे जाने के खिलाफ CBI जांच की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक सिर्फ टाल-मटोल ही कर रही है। वार्ता के नाम पर बच्चों को टहलाया गया।
श्री मरांडी ने कहा कि छात्रों के साथ आज की कार्रवाई बर्बरतापूर्ण है। लेकिन यह कार्रवाई पहली बार नहीं है। 2024 से ही छात्रों के साथ सरकार ने अत्याचार किए गए हैं। लेकिन इस बार छात्र पूरे दमखम के साथ मैदान में डटे हुए हैं। राज्य सरकार ने इस बार बच्चों को टेंट लगाने की तक अनुमति नहीं दी।
उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों के दौरान जो परीक्षाएं हुईं, उनमें JSSC ने सहायक आचार्य की नियुक्ति का रिजल्ट भी टुकड़ों में जारी किया है। JSSC-CGL में छात्रों को नेपाल ले जाकर प्रश्न रटवाने के आरोप लगे हैं।
इस मामले में सीआईडी जांच पहले सही दिशा में थी बाद में सरकार के द्वारा पूरी टीम को बदल दिया गया। मनोज कौशिक के नेतृत्व में जांच शुरू हुई तो मामले की पूरी लीपापोती कर दी गई।
उन्होंने कहा कि PGT परीक्षा में भी धांधली के गंभीर आरोप सामने आए। उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ के दौरान 17 युवाओं की मौत हो गई। इसके अलावा JPSC की 11वीं-13वीं और 14वीं परीक्षाओं में भी कई स्तर पर धांधली के आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी महज दिखावे की है। हेमंत सरकार विनय चौबे की तरह इन्हें भी बिना चार्जशीट दाखिल किए डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी। राज्य सरकार की एजेंसिया सच को मिटाने का काम करती हैं। उन्होंने JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार पर भी नरमी सरकार की मेहरबानी को लेकर सवाल उठाया।
श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड के छात्र सिर्फ पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। आखिर जब सरकार को लगता है कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो सीबीआई जांच कराने में क्या परेशानी है। झारखंड के मुख्यमंत्री अगर वास्तव में छात्रों का हित चाहते हैं, उनकी कोई संलिप्तता नहीं है तो अविलंब CBI जांच का आदेश दें।
इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह और प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।


