रांची: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएसी परीक्षा में धांधली की शिकायतों को लेकर हो रहे छात्रों के आंदोलन का आज दसवां दिन है। इससे पहले नौंवे दिन रविवार को छात्रों ने धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक जुलूस निकाला और अपने आंदोलन को लेकर एक बार फिर से हुंकार भरी। छात्रों से राज्य सरकार से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा परिणाम को रद्द करने की मांग की. इधर छात्र नेता व जेएलकेएम उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने रविवार को अपना अनशन शुरू कर दिया।
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छात्र नेताओं की मांग
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार से स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकार को युवाओं और छात्रों के भविष्य की जरा भी चिंता है, तो उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर छात्रों की सभी जायज मांगों को पूरा करना होगा. वहीं प्रदर्शनकारी छात्र अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य सरकार से बातचीत की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही परीक्षा के दौरान कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच भी हो।
इधर आज जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से सीआईडी चौथे दौर की पूछताछ करेगी. इससे पहले सीआईडी ने पिछले महीने 28 और 29 जुलाई के अलावा 31 जुलाई को 8 से 9 घंटे तक की लंबी लंबी पूछताछ कर चुकी है.
सीजेपी ने आंदोलन को दिया समर्थन
इधर रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस संबंध में कहा कि, “मैंने झारखंड में जेपीएसएसी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे छात्रों से बात की है। सीजेपी झारखंड के सभी स्टूडेंट के साथ खड़ा है।”
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्स पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया, “उनकी मांगों का समर्थन करता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे। साथ ही सरकार से उनसे बातचीत करने और उनकी बातें सुनने का आग्रह किया है।”


