रांची: जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही सीआईडी बुधवार को लगातार दूसरे दिन जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से पूछताछ कर रही है. इससे पहले मंगलवार को पूर्व चेयरमैन से 7 से 8 घंटों तक की लंबी पूछताछ हुई थी और इस दौरान झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके ख्यांग्ते का पासपोर्ट भी सीआईडी ने जब्त कर लिया था. हालांकि सीआईडी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
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टीडीपीएल से संबंधों पर पूछताछ
चर्चा है कि बुधवार को यदि पूर्व अध्यक्ष के बयान व दी गई जानकारी से झारखंड की जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं होती है तो फिर उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है. इससे पहले मंगलवार को हुई पूछताछ में सीआईडी ने एल. ख्यांग्ते से उनके कार्यकाल में हुए फैसलों की पड़ताल की. इसके अलावा परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी के रूप में जेएसएससी की ओर से ब्लैकलिस्टेड टीडीपीएल को शामिल करने में पूर्व अध्यक्ष की क्या भूमिका थी और इसे किस आधार पर मंजूरी दी गई?
इसके अलावा धांधली के मुख्य आरोपी कहे जा रहे टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर व वर्तमान में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे अभय तिवारी से उनके क्या और कैसे संबंध थे? वहीं तबादला आदेश जारी होने के बावजूद उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता इतने लंबे समय तक जेपीएससी में कैसे बनी रहीं और उन्हें किसके संरक्षण में पद पर बनाए रखा गया?
JPSC के नए अध्यक्ष
21 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष पद से एल. खयांग्ते के इस्तीफा देने के बाद जेपीएससी ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 समेत 9 परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. कहा जा रहा है कि अध्यक्ष पद रिक्त रहने के कारण आयोग न तो कोई नई परीक्षा आयोजित कर सकता है और न ही लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी कर सकता है. ऐसे में राज्य के लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कहा जा रहा है कि विधानसभा का मॉनसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होने से पहले राज्य सरकार नए अध्यक्ष की नियुक्ति या अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर कोई फैसला ले सकती है ताकि समय से मुख्य परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं का आयोजन हो सके.


