रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भाजपा ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650 वीं जन्म जयंती को काफी भव्य तरीके से “समरसता संकल्प अभियान” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत इसका आयोजन 29 जुलाई यानी गुरु पूर्णिमा से प्रारंभ होकर 20 फरवरी, 2027 तक तक होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उनकी सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को प्रदेश गांव गांव और घर घर तक पहुंचाना है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करने के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं।
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अर्जुन मुंडा ने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा की संध्या पर झारखंड सहित देश के सभी धार्मिक स्थलों, मंदिरों पर समरसता का दीप महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य हर घर में उजाला फैलाना एवं खुशियों व उत्साह का उत्सव का वातावरण तैयार करना है। वहीं कलश वंदन अभियान का शुभारंभ भी उनकी जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से होगी। जहां की पावन भूमि से पवित्र मिट्टी को लेकर कलश वंदन अभियान के तहत देश के सभी प्रदेशों में मंडल स्तर तक इसे पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर से लेकर वाराणसी तक समरसता यात्रा का आयोजन होना है। इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों की भी सूचना समय समय पर उपलब्ध की जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम भर का आयोजन नहीं है बल्कि भारत का चिंतन, विचारधारा और देश की जो शक्ति है वह इस कार्यक्रम के माध्यम से एक ऊर्जा के रूप में प्रफुल्लित होगी। इस कार्यक्रम का आह्वान राष्ट्रीय संगठन के द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा, इससे एक नए युग की सूत्रपात होगी।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत की धरती विश्व के फलक पर एक आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र रहा है। इस धरती पर ऐसे महान ऋषियों, युगपुरुषों, युगदृष्टा और संतों ने जन्म लिया है, जिन्होंने अलग अलग कालखंडों में देश का मार्गदर्शन किया है। ऐसे ही एक संत शिरोमणि रविदास हैं, जिन्होंने अपनी वाणी, अपने कर्मों से ना केवल संदेश दिया बल्कि देश को एक नई दिशा देने का काम किया। संत रविदास ने जो संदेश दिया, उनकी वाणी को हमें अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हुए समाज की जो समरसता है, स्पंदन है, स्वाद है, उसको बरकरार रखते हुए हम सबों को आगे बढ़ना चाहिए।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” जैसे कितने सहज तरीके से, अपनी वाणी के माध्यम से मानवता का जो संदेश दिया, वह अनुकरणीय है। मन की निर्मलता, मन की पवित्रता, मन की व्यापकता होना, मनुष्य के लिए सबसे आवश्यक शर्त है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐसे संत का इस प्रकार का व्यापक तौर पर कार्यक्रम आयोजित करने का बड़ा सामाजिक और राष्ट्रवादी उद्देश्य है। जनता ऐसे संत को जाने, उन्हें अनुकरणीय बनाते हुए एक समरस जीवन, समरस समाज, समरस राष्ट्र का निर्माण हो, जिसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का जो संकल्प है, उसे हम अपने अभियान के माध्यम से सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण के लिए व्यापक जन आंदोलन का एक ऐसा वातावरण बनाएंगे, जिसमें हर व्यक्ति, हर परिवार एक मजबूत एवं विकसित राष्ट्र का निर्माण सुनिश्चित करेगा।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास की जीवन यात्रा समाज के संत ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के पथ प्रदर्शक के रूप में उनका बेगमपुरा का दर्शन ऐसे समाज की कल्पना है, जहां किसी प्रकार की दुख, पीड़ा और कोई भेदभाव नहीं हो। समानता और समरसता के मापदंडों को हम सभी को अपने जीवन में कैसे उतारनी चाहिए, इसकी व्याख्या फ्रांसीसी क्रांति और अब्राहम लिंकन के स्वतंत्रता भाषणों में भी किया गया है। इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक एवं प्रकाश सिंह और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी उपस्थित रहे।


