पटना: बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट ( बिपार्ड ) के पटना कैंपस को आईएसओ ( ISO 9001:2015 ) प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान बिपार्ड की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की श्रेष्ठता और वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली की आधिकारिक मान्यता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मौजूदगी में बिपार्ड को ये प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
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आईएसओ प्रमाणीकरण करने वाली संस्था के पदाधिकारी तरूण स्वरूप ने बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर को यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण-पत्र सौंपा। वहीं बिपार्ड के गया कैंपस और सामान्य प्रशासन विभाग को यह आईएसओ प्रमाण-पत्र पहले ही प्रदान किया जा चुका है और अब पटना को मिला यह राज्य में तीसरा प्रमाण-पत्र है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी बिहार की संस्था: सीएम
इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिपार्ड को आईएसओ प्रमाण पत्र मिलने पर संस्थान के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्टिफिकेट संस्थान की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली, पारदर्शिता तथा उत्कृष्ट प्रशासनिक व्यवस्था का जीवंत प्रमाण है। हम सभी के लिये यह गर्व और खुशी का अवसर है। बिपार्ड को अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्राप्त होना इस बात का प्रतीक है कि हमारी संस्थायें विश्वस्तरीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बेहतर कार्य कर रही हैं। बिपार्ड में वर्ष भर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और यहाँ 365 दिनों तक प्रशिक्षण की व्यवस्था निरंतर संचालित रहती है।
सीएम ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि बिपार्ड बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण देकर सूबे की शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से न सिर्फ अधिकारियों की प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है, बल्कि धरातल पर सुशासन को और अधिक मजबूती मिलती है।
उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि बिहार को सुशासन, गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और उत्कृष्ट लोक सेवा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना हमारा मुख्य संकल्प है।
गया और पटना बिपार्ड का होगा विस्तार: सीएम
भविष्य की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बिपार्ड, गया और पटना दोनों ही केंद्रों में प्रशिक्षण क्षमता का और अधिक विस्तार करने का कड़ा निर्देश दिया है।
इन बदलावों पर रहेगा विशेष जोर:
आधुनिक पद्धतियाँ: प्रशिक्षण के दौरान नवीन तकनीकों, आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों तथा प्रशासनिक नवाचारों को शामिल किया जाए।
क्षमता संवर्धन: संस्थान की कार्यक्षमता को निरंतर सुदृढ़ करने के प्रयास किए जायें।
चरणबद्ध कार्ययोजना: वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए प्रशिक्षण अवसंरचना, संसाधनों, मानवबल तथा पाठ्यक्रमों को सुदृढ़ करने के लिए एक चरणबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि इन दोनों संस्थान राज्य में क्षमता निर्माण एवं सुशासन के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में पूरी तरह स्थापित करें।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सह बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा आईएसओ प्रमाणीकरण करने वाली संस्था के सम्मानित प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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