न्यूज डेस्क : ईरान के सर्वोच्च नेता रहे आयतुल्लाह अली अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में तेहरान में शुरू हो गई है. अमेरिकी और इसराइली हमलों में मारे गए अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के लिए जनाजे की नमाज रविवार को तेहरान के एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र इमाम खुमैनी मस्जिद में आयतुल्लाह जाफर सोभानी के नेतृत्व में अदा की गई.
Highlights:
इसे भी पढ़ें : इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार ऑस्ट्रेलिया बना महिला टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन
8 जुलाई को अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार आने वाले दिनों में ईरान और इराक़ में होगा. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस समारोह में डेढ़ से दो करोड़ लोग शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि मंगलवार 7 जुलाई को ख़़ामेनेई के पार्थिव शरीर को क़ोम ले जाया जाएगा, जनाज़े की नमाज़ जमकरान में अदा की जाएगी. वहीं 8 जुलाई को शव को इराक के नजफ़ ले जाया जाएगा, जहां से इमाम अली दरगाह तक जुलूस निकाला जाएगा, जिसके बाद कर्बला में अंतिम संस्कार किया जाएगा.
मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से संदेश
रविवार को ईरान के नेता मोजतबा ख़ामेनेई अपने पिता और परिवार के कई सदस्यों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए. हालांकि कुछ घंटों बाद ही उनके नाम से एक संदेश जारी किया गया, जिसमें गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई को एक बार फिर ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख के तौर पर पेश किया गया है.
जनाज़ा में शामिल हुए तीन बेटे
ईरान की राजधानी तेहरान की मुसल्ला मस्जिद में पिता की नमाज़-ए-जनाज़ा के दौरान आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के तीन बेटे मीथम, मसूद और मुस्तफ़ा पहली क़तार में मौजूद रहे. यह तस्वीर आईआरआईबी ने जारी की है. इस दौरान आयतुल्लाह ख़ामेनेई के बेटे और ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई जनाज़े की नमाज़ में शामिल नहीं हुए.
तेहरान की मुसल्ला मस्जिद में नमाज़-ए-जनाज़ा के दौरान मोहम्मद जवाद मोहम्मदी गोलपायगानी भी दिखाई दिए, जिनकी पत्नी बशरा हुसैनी ख़ामेनेई और बेटी ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी की ख़ामेनेई आवास पर हुए हमले में मौत हो गई थी.
28 फ़रवरी को अमेरिकी और इसराइली हमले में सर्वोच्च नेता के आवास पर हुए हमले में अली ख़ामेनेई के अलावा उनके परिवार के चार सदस्य भी मारे गए थे. मरने वालों में बशरा हुसैनी ख़ामेनेई (बेटी), मसबाह-अल-हुदा बाघेरी (दामाद और होदा ख़ामेनेई के पति), ज़हरा हद्दाद-ए-आदिल (बहू) और ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी (पोती) शामिल थे.




