Monday, June 29, 2026

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन और AI आधारित ऑडिट पोर्टल ग्रामीण शासन को देंगे नई दिशा

पंचायती राज विभाग, बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि विकास, पारदर्शिता, सेवा वितरण और जनभागीदारी का सशक्त केंद्र बनाना आवश्यक है। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन और AI-सक्षम Rural Internal Audit Portal का शुभारंभ ग्रामीण विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसी सोच के अनुरूप बिहार में भी पंचायतों को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से पंचायत विकास दिवस का आयोजन प्रारंभ किया गया है।

दिनांक 28 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया। सम्मेलन में विकसित गांव से विकसित भारत के संकल्प, ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क, आजीविका संवर्द्धन, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा, तकनीक, AI आधारित निगरानी और वित्तीय अनुश्रवण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर AI-सक्षम Rural Internal Audit Portal का शुभारंभ भी किया गया, जो ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही, समयबद्ध अनुपालन और डेटा आधारित अनुश्रवण को मजबूती प्रदान करेगा।

माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार के अनुसार यह सम्मेलन ग्रामीण भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। गांवों के विकास को अब परंपरागत ढांचे से आगे बढ़ाकर तकनीक, पारदर्शिता और जनसहभागिता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पंचायत स्तर पर योजनाओं की जानकारी, संसाधनों का सदुपयोग, विकास कार्यों की नियमित निगरानी और जनता के सुझावों को संस्थागत रूप देना ही ग्रामीण विकास को वास्तविक गति देगा।

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार पंचायतों को स्थानीय विकास की प्रभावी इकाई बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का प्रयास है कि ग्राम पंचायतों में योजनाएं कागज तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे। इसके लिए पंचायत सरकार भवन, ग्राम पंचायत स्तर पर RTPS सेवाएं, ई-ग्राम कचहरी, ग्राम पंचायतों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट की केंद्रीकृत अनुश्रवण प्रणाली से निगरानी और ग्राम सभा आधारित संवाद को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार ने पंचायत विकास दिवस को इसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा बताया। इसके माध्यम से ग्राम सभा को योजनाओं, प्राप्त राशि, व्यय, अवशेष राशि, आगामी विकास कार्यों और स्थानीय प्राथमिकताओं पर नियमित संवाद का अवसर मिल रहा है। इससे पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही मजबूत होगी और विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

माननीय मंत्री ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन से यह स्पष्ट संदेश मिला है कि विकसित भारत का मार्ग विकसित गांवों से होकर जाता है। बिहार की पंचायतें भी इस राष्ट्रीय संकल्प को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य की ग्राम पंचायतों को ऐसी इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां नागरिकों को सेवाएं सुलभ हों, योजनाओं की जानकारी खुले मंच पर उपलब्ध हो और जनता की भागीदारी से गांवों की प्राथमिकताएं तय हों।

AI-सक्षम Rural Internal Audit Portal जैसी पहल ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, ऑडिट, अनुपालन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाएगी। बिहार में भी विभाग तकनीक आधारित निगरानी, पंचायत ई ग्राम कचहरी और ई–पंचायत बिहार पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पंचायतों में सेवा वितरण तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

माननीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों में महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्द्धन, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाएं और स्थानीय स्तर पर योजनाओं की निगरानी को एक साथ आगे बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है। पंचायतों को विकास की अग्रिम पंक्ति में रखकर ही ग्रामीण बिहार को अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सकता है।

उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और ग्रामीण नागरिकों से अपील की कि वे पंचायत विकास दिवस को केवल एक कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे अपने गांव के विकास की नियमित कार्यशाला के रूप में अपनाएं। जब जनता योजनाओं की जानकारी लेगी, सुझाव देगी और विकास कार्यों की निगरानी में भागीदार बनेगी, तभी पंचायतों में सुशासन और विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

माननीय मंत्री के अनुसार पंचायती राज विभाग का लक्ष्य स्पष्ट है—ग्राम पंचायतों को पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और जनभागीदारी आधारित विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन की भावना और बिहार में पंचायत विकास दिवस की पहल मिलकर ग्रामीण शासन को नई गति और नई दिशा देने का कार्य करेंगी।

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