दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने नवजात बच्चों की अवैध रुप से खरीदने और बेचने वाले एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें 1 महिला भी शामिल है. जो इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड है. वह खुद को डॉक्टर बताकर एक नर्सिंग होम चलाती थी. फिलहाल पुलिस उसके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों की जांच कर रही है. वहीं कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनमें महज 5 दिन का 1 शिशु शामिल है.
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नवजातों की तस्करी
पुलिस जांच के अनुसार, ये गिरोह विभिन्न राज्यों से नवजात बच्चों को उठाकर उनके जन्म संबंधी दस्तावेजों में हेरफेर करते थे. जिसके बाद शिशुओं को संतान की चाह रखने वाले दंपत्तियों को लाखों रुपये में बेच देते थे. शुरुआती जांच के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से अब तक 20 से अधिक नवजात बच्चों की तस्करी हो चुकी है.
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परिजनों की पहचान जारी
दिल्ली पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर दिल्ली और राजस्थान से आरोपियों को पकड़ा हैं. वहीं कुछ बच्चों की बिक्री हरियाणा में हुई थी. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क के तार अन्य राज्यों से जोड़कर देख रही है. 5 नवजातों में एक 4 माह का शिशु, दो 27 दिन का, एक 20 दिन का और एक केवल 5 दिन का शिशु है. जिन्हें संरक्षण में रखकर उनके परिजनों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
मामले की जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह का संचालन संगठित तरीके से चल रहा था. नवजात बच्चों को पाने, दस्तावेज तैयार करने और खरीदारों तक पहुंचाने के लिए इसमें अलग-अलग लोगों की भूमिका थी. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होगे. फिलहाल पुलिस पूरे मामले को लेकर गहनता से जांच कर रही है.




