Thursday, November 5, 2026

झारखंड में सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस में देरी मुद्दे पर शुक्रवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक

रांची: झारखंड में निजी सुरक्षा एजेंसियों को लाइसेंस जारी करने और उनके नवीनीकरण में हो रही लगातार देरी को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नाराजगी जताए जाने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही शुक्रवार यानी 29 मई को इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी बुलाई गई है।

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समय-सीमा के पालन में लापरवाही

राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रसन्ना आर. ने एक अर्धसरकारी पत्र भेजकर चिंता व्यक्त की है। पत्र में कहा गया है कि निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 यानी PSARA Act 2005 के तहत लाइसेंस और नवीनीकरण से जुड़े आवेदनों का तय समय-सीमा के भीतर निपटारा नहीं किया जा रहा है।

नियमों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस रिन्यूअल की समय-सीमा 30 दिन तय की गई है। इसके बावजूद झारखंड में कई आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नए लाइसेंस के 62 आवेदन 60 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, जबकि नवीनीकरण के आठ आवेदन 30 दिनों से ज्यादा समय से अटके हुए हैं। केंद्र सरकार ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया है।

पुलिस जांच और एनओसी में हो रही देरी

मामले की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि जिला स्तर पर पूर्ववृत्त सत्यापन, पुलिस जांच रिपोर्ट और एनओसी जारी करने में अत्यधिक देरी हो रही है। इसके कारण आवेदनों के निपटारे में लंबा समय लग रहा है और एजेंसियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई मामलों में हर छह महीने या एक साल के भीतर बार-बार चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया दोहराई जा रही है। इसके अलावा, देशभर में मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को भी कई जगह स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इससे प्रक्रिया और अधिक जटिल बन रही है।

छोटी तकनीकी जांच से बढ़ी परेशानी

गृह विभाग ने माना है कि एजेंसियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की अत्यधिक बारीकी से जांच की जा रही है। ऐसी कई छोटी तकनीकी कमियों को लेकर फाइलें लंबे समय तक रोकी जा रही हैं, जिन्हें आसानी से दूर किया जा सकता था। इससे लाइसेंस प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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