न्यूज डेस्क: पीएम नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंच गए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्रीन ग्रोथ जैसे क्षेत्रों में भारत की साझेदारी को और मजबूत करना है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था, जहां ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे।
Highlights:
Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-
भारतीय समुदाय ने किया जोरदार स्वागत
नीदरलैंड के शहर द हेग पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय कलाकारों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी की यह यात्रा डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के निमंत्रण पर हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके अलावा पीएम मोदी की मुलाकात किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी प्रस्तावित है।
सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन पर रहेगा फोकस
इस आधिकारिक दौरे में प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के बड़े उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात कर सकते हैं। चर्चाओं का मुख्य फोकस सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, रक्षा, जल प्रबंधन, इनोवेशन और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वहां रह रहे भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं।
2017 के बाद पीएम मोदी का दूसरा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2017 में नीदरलैंड का दौरा किया था। मौजूदा दौरे को भारत और नीदरलैंड के संबंधों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें: बरेली के डीएम अधिकारियों संग बस से पहुंचे संपूर्ण समाधान दिवस में
विदेश मंत्रालय ने बताया अहम दौरा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के नीदरलैंड पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत-नीदरलैंड साझेदारी को और मजबूत करने और यूरोप में बसे बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का अवसर है। वहीं विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, जल प्रबंधन, खेती, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संबंधों में काफी मजबूती आई है। उन्होंने बताया कि तकनीक, रक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

