रांची: जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित टीपीसी उग्रवादी संगठन से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हजारीबाग जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र निवासी समरित गंझू उर्फ मलिंगा उर्फ अरुण और रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र निवासी सोनू उरांव उर्फ सन्नी के रूप में हुई है।
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17 अप्रैल को दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को एक व्यवसायी को फोन कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। धमकी मिलने के बाद ओरमांझी थाना में कांड संख्या 58/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन में सिल्ली डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी ईरबा गोलचक्कर के पास शालीमार नर्सरी के आसपास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
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हथियार और कई सामान बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली। इस दौरान उनके पास से एक देशी कट्टा, एक मैगजीन, दो मोबाइल फोन, एक राउटर, दो सिम कार्ड, एक पावर बैंक और चार डेटा केबल बरामद किए गए। पुलिस ने वह सिम कार्ड भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल व्यवसायी को धमकी देने में किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे केवल ओरमांझी ही नहीं, बल्कि हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा जिले के व्यवसायियों से भी रंगदारी मांगते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अब तक करीब 10 व्यवसायियों को धमकी देकर रंगदारी मांगी गई थी।
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मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी समरित गंझू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ मांडू, पिपरवार और पतरातू थाना क्षेत्रों में रंगदारी, धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में उग्रवादी गतिविधियों और रंगदारी वसूली पर सख्ती से रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने कहा कि व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी विशेष कार्रवाई की जाएगी।


