रांची : झारखंड के 14 कोषागारों में वेतन निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. महालेखाकार (AG) की जांच में खुलासा हुआ है कि डीएसपी से लेकर सिपाही स्तर के 614 कर्मचारियों ने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर 31.47 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की. इस घोटाले में कई बड़े पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.
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महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों ने सिस्टम की तकनीकी खामियों का सहारा लेकर एक ही महीने में दो-दो बार वेतन और एरियर की निकासी की. इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को कुल 31.47 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें से केवल दोहरा वेतन भुगतान ही 7.67 करोड़ रुपये का है.
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रिपोर्ट में 4 डीएसपी का नाम
इस अवैध निकासी मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि महालेखाकार द्वारा जारी सूची में डीएसपी स्तर के अधिकारी- नौशाद आलम, राजेश यादव, मणिभूषण प्रसाद और मुकेश कुमार महतो के नाम शामिल हैं. इन अधिकारियों पर आरोप लगा कि अपनी विभिन्न पदस्थापनाओं के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से दोहरा वेतन और एरियर उठाया है. इनके अलावा बड़ी संख्या में सिपाही, सहायक शिक्षक और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भी इस सूची में शामिल हैं.
डीएसपी का इंकार, लौटाई रकम
इधर मामले का खुलासा होने के बाद जिन चार डीएसपी पर डीए एरियर का भुगतान लेने का आरोप लगा, उसमें से धनबाद में पदस्थापित एक डीएसपी ने तत्काल पलामू ट्रेजरी कार्यालय को अतिरिक्त भुगतान की रकम को यह कहते हुए वापस लौटा दिया कि इस मामले की उन्हें अब तक कोई जानकारी नहीं थी। महालेखाकार की रिपोर्ट में नाम आए जाने के बाद उनके खाते में अतिरिक्त भुगतान होने वाली रकम को ट्रेजरी के माध्यम से लेखा विभाग को लौटा दिया है और इस संबंध में धनबाद के साथ साथ पलामू जिले के पुलिस अधीक्षक को भी भुगतान की रसीद के साथ जानकारी दी है।
झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में डीएसपी ने दावा किया कि डीए एरियर से संबंधित साल 2024 में हुए इस दोहरे भुगतान के मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी लेकिन जैसे ही उन्हें महालेखाकार के रिपोर्ट और उसमें अपने नाम के होने की सूचना मिली तो उन्होंने वह रकम पलामू स्थित जिला ट्रेजरी को लौटा दी, ऐसे में मीडिया में आई वह खबरें पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि जानबूझकर उन्होंने ट्रेजरी से एक ही महीने में दोहरा वेतन लिया है।


