पटना: बिहार के चर्चित NEET छात्रा मौत मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। पटना की अदालत ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को जमानत दे दी है, जिससे मामले में नई कानूनी बहस शुरू हो गई है। मामले में कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर पुलिस चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। इसी आधार पर पटना की पॉक्सो कोर्ट ने मनीष रंजन की जमानत मंजूर कर ली।
Highlights:
पहले कई बार खारिज हो चुकी थी बेल
इससे पहले फरवरी और मार्च में कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका कई बार खारिज कर दी थी। लंबे समय तक सुनवाई के बाद आखिरकार अब उसे राहत मिली है। पटना के कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक नाबालिग NEET छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। छात्रा 6 जनवरी को बेहोश मिली थी और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले में दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
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CBI कर रही है जांच
शुरुआत में मामले की जांच पुलिस की विशेष टीम (SIT) कर रही थी, लेकिन लापरवाही और विरोध के बाद जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। अब CBI इस मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में कर रही है। मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठे थे। आरोप लगे कि जांच में देरी हुई और साक्ष्यों को सही तरीके से संभाला नहीं गया। इसी वजह से दो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई थी। यह मामला बिहार में काफी संवेदनशील बना हुआ है और इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा जारी है। अब जमानत मिलने के बाद आगे की सुनवाई और जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


