पटना : नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में आज से सम्राट चौधरी का युग शुरू हो गया है. सम्राट चौधरी ने बुधवार को सुबह पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के राजनीतिक इतिहास में ये पहली है, जब भारतीय जनता पार्टी का किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली.
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जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम
सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. आज केवल इन तीन नेताओं का ही शपथ ग्रहण हुआ। जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली रह जाएंगे. शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के साथ साथ पूर्व सीएम नीतीश कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे.
सम्राट चौधरी तारापुर से बीजेपी विधायक
सम्राट चौधरी फिलहाल तारापुर से बीजेपी विधायक हैं. वह 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे. इससे पहले वह RJD और JDU में भी रहे. सम्राट चौधरी 1999 में पहली बार बिहार सरकार में मंत्री बने थे. राबड़ी सरकार में कृषि मंत्री बनने के बाद उम्र विवाद को लेकर चर्चा में भी आए. शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी को लालू यादव ने एक युवा और अन्य पिछड़ा वर्ग के चेहरे के तौर पर मौका दिया था.
कोइरी जाति से आते हैं सम्राट
सम्राट चौधरी कोइरी जाति (OBC) से आते हैं. सीएम पोस्ट तक पहुंचने वाले कोइरी जाति के वे दूसरे व्यक्ति हैं. उनसे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह (कांग्रेस) ऐसा करने वाले पहले थे. लेकिन वे मुख्यमंत्री के रूप में मुश्किल से पांच दिनों का कार्यकाल ही बिता पाए. क्योंकि कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया और गठबंधन सरकार गिर गई. सम्राट चौधरी ने एक और रिकॉर्ड बनाया है. भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बाद वो इकलौते हैं जो बिहार में उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर रहे.


