रांची : राजधानी में कांके थानेदार और भू-माफियाओं के गठजोड़ के आरोपों के बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक आदिवासी महिला ने आरोप लगाया है कि न्याय की मांग करना ही उसके लिए मुसीबत बन गया। मिली जानकारी के अनुसार, कांके थाना प्रभारी के खिलाफ क्रिमिनल रिट दायर करने वाली महिला ने अब एससी-एसटी थाना प्रभारी सुभाष मुंडा पर सीधा आरोप लगाया है कि उसके पक्ष के लोगों के खिलाफ ही फर्जी एफआईआर दर्ज की गई है।
Highlights:
महिला का कहना है कि यह कार्रवाई कांके थानेदार प्रकाश रजक के इशारे पर भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए की गई। पीड़िता के मुताबिक, उसने पहले जमीन से जुड़े विवाद में पुलिस की भूमिका को चुनौती देते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और अब झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत राज्य के डीजीपी, आईजी और रांची के एसएसपी से की है। शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि पुलिस अधिकारी भू-माफियाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट में आदिवासी महिला सुभाषो देवी ने फाइलिंग संख्या W.P.(Cr.) 5283/2026 से रिट दायर की है।
कांके थानेदार सस्पेंड
इधर मामला सामने आने के बाद रांची एसएसपी राकेश रंजन ने कांके थानेदार प्रकाश रजक को तत्काल प्रभाव से स्पेंड कर दिया है और पुलिस निरीक्षक कुणाल कुमार को नया थानेदार बनाया गया है. इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर कांके थानेदार के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, उसके उपरांत उन्हें पदभार ग्रहण करने को कहा गया है. तब तक कुणाल कुमार एएसपी के अधीन ही काम करेंगे.

