लातेहार : जिले में पुलिस को विशेष अभियान के दौरान प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के जोनल कमांडर समेत दो उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइंया और उसके सहयोगी बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार, गोली तथा उग्रवादी दस्ते के दैनिक उपयोग के सामान भी बरामद किए गए।
गिरफ्तार माओवादी मृत्युंजय भुइंया पर झारखंड पुलिस ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस संबंध में बताया जा रहा है कि जिले के एसपी को लगातार सूचना मिल रही थी कि माओवादी संगठन का जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइंया उर्फ फ्रेस भुइंया उर्फ दिलीप उर्फ प्रताप उर्फ अवधेश जी अपने दस्ते के साथ नेतरहाट, महुआडांड़, बरवाडीह, गारू और छिपादोहर क्षेत्र में सक्रिय है।
इसी क्रम में 12 मार्च 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइंया अपने सहयोगियों के साथ छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिनामार गांव के आसपास दैनिक उपयोग की सामग्री लेने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छिपादोहर और गारू थाना पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम का गठन कर इलाके में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया।
पुलिस के अनुसार मृत्युंजय भुइंया के खिलाफ झारखंड के लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी कुल 104 मामले दर्ज हैं। उस पर झारखंड पुलिस की ओर से 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा गिरफ्तार माओवादी सदस्य बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी के खिलाफ लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों में 15 मामले दर्ज हैं और उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित है।
बताया जाता है कि लगभग 42 वर्षीय मृत्युंजय भुइंया, पिता बाबूलाल भुइंया, छिपादोहर थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव का रहने वाला है और लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वहीं 22 वर्षीय बबलू राम उर्फ रोहित, पिता स्वर्गीय बवन राम, बिहार के औरंगाबाद जिले का निवासी है और पिछले करीब 20 वर्षों से संगठन से जुड़कर सक्रिय रूप से काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों उग्रवादी लेवी वसूली, विकास कार्यों में बाधा डालने और क्षेत्र में दहशत फैलाने जैसी कई घटनाओं में शामिल रहे हैं।


