डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और रूस ने अपनी सैन्य साझेदारी का प्रदर्शन करते हुए ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया है। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
Highlights:
राष्ट्रपति ट्रंप ने एयरफोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा कि ईरान के पास परमाणु समझौता करने के लिए 10 से 15 दिन का अधिकतम समय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समय सीमा में “सार्थक समझौता” नहीं हुआ, तो ईरान के लिए स्थिति “दुर्भाग्यपूर्ण” हो सकती है और अमेरिका “अगला कदम” उठा सकता है।
अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती
अमेरिका ने दबाव बढ़ाने के लिए क्षेत्र में अपनी ताकत झोंक दी है। USS अब्राहम लिंकन पहले से ही अरब सागर में तैनात है, और दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर. फोर्ड भी पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है।इधर रूस ने चेतावनी दी है कि वह ईरान पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने बाहरी आक्रामकता का डटकर मुकाबला करने का आह्वान किया है।
ईरान-रूस युद्धाभ्यास
ईरान की सेना, आईआरजीसी और रूसी नौसेना ने ‘मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026’ के तहत रणनीतिक जलक्षेत्र में युद्धाभ्यास किया। इसमें बंधक बनाए गए जहाजों को मुक्त कराने और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों का अभ्यास किया गया, जिसे अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

