रांची: DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 के मद्देनजर झारखंड में राज्य स्तरीय डिब्रीफिंग एवं समीक्षा बैठक का आयोजन पुलिस मुख्यालय सभागार में किया गया। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा तदाशा मिश्र, पुलिस महानिदेशक, झारखंड ने की। बैठक में राज्य भर के पुलिस अधिकारियों को विभिन्न बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 में तय सभी बिंदुओं का अनुपालन थाना स्तर तक सुनिश्चित किया जाए। सभी पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।
Highlights:
नई न्याय संहिता का शत-प्रतिशत पालन
बैठक में नए आपराधिक कानून (न्याय संहिता) के 100 प्रतिशत अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। सभी अनुसंधानकर्ताओं को नए प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया। पुलिसिंग के तरीके में बदलाव पर जोर देते हुए कहा गया कि गिरफ्तारी-केंद्रित पुलिसिंग के बजाय दोषसिद्धि-उन्मुख जांच को प्राथमिकता दी जाए, ताकि अदालतों में मामलों में सजा की दर बढ़ सके।
बीट और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूती
सभी जिलों में बीट पुलिसिंग और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने का निर्देश दिया गया। क्षेत्रीय, जिला एवं थाना स्तर पर नियमित सम्मेलन आयोजित कर बेहतर परिणाम हासिल करने को कहा गया। खुफिया जानकारी जुटाने और जांच प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए NATGRID, NAFIS, CCTNS, ई-कोर्ट और AI आधारित एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग पर बल दिया गया। सभी अनुसंधानकर्ताओं को ई-साक्ष्य ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष फोकस
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं, युवाओं की सहभागिता, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया। साथ ही, उग्रवादियों की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के पूर्ण क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। राज्य में मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अफीम की खेती को रोकने के लिए एंटी ड्रग स्ट्रेटेजी की रूपरेखा तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष ध्यान
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। महिला सुरक्षा से संबंधित अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। टूरिस्ट पॉलिसी के तहत पर्यटकों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया। भारत सरकार के I-Got पोर्टल पर सभी अनुसंधानकर्ताओं के प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा कर शत-प्रतिशत प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में पुलिस मुख्यालय और राज्य के विभिन्न प्रक्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इनमें अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप-महानिरीक्षक, विशेष शाखा, एसटीएफ, प्रशिक्षण, बजट एवं अन्य इकाइयों के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 में लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करना और झारखंड में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना बताया गया।


