Tuesday, September 15, 2026

राजगीर में बेंगलुरु के एक परिवार के चार सदस्यों के मृत पाए जाने का खुला राज, एसआईटी की जांच जारी

पटना: राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला से बेंगलुरु निवासी एक परिवार के चार सदस्यों की मौत मामले में नालंदा पुलिस की एसआईटी ने महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं. छह फरवरी को बरामद चार शवों की पहचान जी आर नागा प्रसाद (50 वर्ष), उसकी मां जीआर सुमंगला (75 वर्ष), बहन श्रुथा जीआर (43 वर्ष) एवं शिल्पा जीआर (48 वर्ष) के रूप में हुई है. पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर शवों फंदे से लटका हुआ बरामद किया था. पुलिस दरवाजा तोड़ कमरे के अंदर घुसी तो शव लटके मिले थे.

एसआईटी के मुताबिक जी आर नागा प्रसाद कर्नाटक में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था और अपनी मां व दो बहनों के साथ भ्रमण करता हुआ नेपाल से 31 जनवरी को राजगीर पहुंचा था. बाद में 6 फरवरी को इन चारों के शव मिले. पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि जी आर नागा प्रसाद अपने भांजे की हत्या के आरोप में एक साल तक जेल में भी रह चुका है और जमानत पर छूटा था. उसने चार अगस्त 2024 को कनार्टक के कुंबरहल्ली के पाइपलाइन रोड स्थित विनायक रोड में अपने 14 वर्षीय भांजे अमोघ कीर्ति की निर्मम हत्या कर दी थी।

मोबाइल गेम “फ्री फायर” की लत

बेंगलुरू पुलिस से एसआईटी को मिली जानकारी के अनुसार जी आर नागा प्रसाद की बहन शिल्पा का 14 वर्षीय बेटे अमोघ को मोबाइल गेम “फ्री फायर” की लत थी और वह अपने मामा से हमेशा रुपयों की मांग करता रहता था. इससे परेशान होकर नागा ने पहले भांजे का गला घोंटा था फिर, उसके हाथ-पैर बांधकर गला रेत दिया था। बाद में नागा ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था.

पहले हत्या फिर खुदकुशी

राजगीर पुलिस की एसआईटी के अनुसार 6 फरवरी को जब राजगीर स्थित धर्मशाला से कमरे में पुलिस ने लटके मिले तीन महिलाओं के शव बरामद किए थे तो उनके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे. मुंह पर लाल रंग की टेप चिपकी थी. जबकि, नागा के मुंह पर टेप नहीं थी मगर हाथ बंधे थे. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि नागा ने पहले मां और बहनों की हत्या की. इसके बाद उसने हाथ बांधे और कुर्सी पर खड़े होकर फंदे में गर्दन घुसाई, फिर कूद गया होगा।

थानेदार रमन कुमार ने बताया कि बेंगलुरु पुलिस से नागा का आपराधिक इतिहास पता चला है। सामूहिक आत्महत्या या मां व बहनों की हत्या कर स्वयं फंदे पर झूलना, दोनों ही बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है। अभी एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। नालंदा पुलिस ने बाजार में छानबीन की तो मालूम हुआ कि नागा या उसकी मां और बहनों ने कथित सामूहिक आत्महत्या में प्रयुक्त कोई भी सामान स्थानीय दुकान से नहीं खरीदा था। अनुमान है कि वे रस्सी और टेप साथ लेकर आए थे।

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एयर नाऊ स्पेशल

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