Wednesday, July 22, 2026

मणिपुर में डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन के खिलाफ कुकी संगठनों का विरोध तेज

इंफाल: मणिपुर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के ठीक एक दिन बाद आज से राज्य विधानसभा का नया सत्र शुरू हो रहा है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को लेकर कुकी-जो समुदाय में विरोध प्रदर्शन और बंद का ऐलान किया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार शाम 4 बजे से सत्र बुलाया है। यह सत्र नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के अगले दिन आयोजित किया जा रहा है, जिसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इधर, मणिपुर की राजनीति का असर दिल्ली तक देखने को मिला। बुधवार शाम को कुकी-जो समूह से जुड़े लोगों ने दिल्ली स्थित मणिपुर भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर नाराजगी जताई।

कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान

मणिपुर में जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कुकी बहुल इलाकों में बंद का आह्वान किया है। बंद के दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित रहने की आशंका है। यह विरोध प्रदर्शन कुकी समुदाय से आने वाली उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को लेकर किया जा रहा है। कुकी-जो परिषद ने स्पष्ट कहा है कि यदि समुदाय का कोई विधायक सामूहिक फैसले के खिलाफ सरकार में शामिल होता है, तो उसके फैसले की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी।

कौन हैं नेमचा किपगेन

नेमचा किपगेन कांगपोकपी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। वे इससे पहले बीरेन सिंह सरकार में सामाजिक कल्याण, सहकारिता, वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र विभाग की मंत्री रह चुकी हैं। जातीय हिंसा के दौरान इम्फाल स्थित उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। नेमचा किपगेन उन 10 कुकी-जो विधायकों में शामिल रही हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। यही कारण है कि उनके उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कुकी संगठनों में नाराजगी और तेज हो गई है।

कांगपोकपी में रातभर प्रदर्शन

नेमचा किपगेन के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कुकी बहुल कांगपोकपी जिले में बुधवार रात विरोध प्रदर्शन हुए। लेइमाखोंग के पास प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध जताया। कुछ कुकी संगठनों ने समुदाय के विधायकों को सरकार गठन से दूर रहने की चेतावनी भी दी है। एक ओर जहां मणिपुर में नई सरकार के साथ विधानसभा सत्र की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री को लेकर कुकी समुदाय का विरोध राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिए चुनौती बनता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठनों के रुख पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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एयर नाऊ स्पेशल

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