नई दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। करीब एक साल बाद राज्य में एक बार फिर NDA सरकार बनने जा रही है। भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है और आज उनके मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी है। उनके साथ वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक भी मौजूद थे। इंफाल पहुंचने के बाद खेमचंद सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया।
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शाम को होगा शपथग्रहण समारोह
युमनाम खेमचंद सिंह का मुख्यमंत्री पद पर शपथग्रहण आज शाम 6 बजे लोकभवन में होगा। शपथग्रहण समारोह में NDA के घटक दलों के नेता और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, ताकि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखा जा सके। नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, जो कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह मणिपुर की पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। लोधी दिखो को दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, जो नागा समुदाय से आते हैं।
विधायक दल का चुनाव
प्रस्तावित मंत्रिमंडल में कोंथौजम गोविंदास सिंह को गृह मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि मंत्रिमंडल की अंतिम सूची पर NDA विधायक दल की बैठक के बाद औपचारिक मुहर लगेगी। मंगलवार को नई दिल्ली में मणिपुर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी। इस बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में नेतृत्व पर सहमति बनी।
क्यों लगा था राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हुई जातीय हिंसा के चलते राज्य में हालात बिगड़ गए थे। इसके बाद 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। चार दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है। इससे पहले NDA सरकार का गठन कर राज्य में निर्वाचित सरकार की वापसी सुनिश्चित की जा रही है। करीब एक साल बाद मणिपुर में चुनी हुई सरकार बनने से राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में शांति बहाल करना और सभी समुदायों के बीच विश्वास कायम करना होगा।


