तिनसुकिया/रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के तिनसुकिया में रविवार को असम आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित आदिवासी महासभा को संबोधित किया। आदिवासी महासभा को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्व सरमा पर बिना उनका नाम लिये खूब निशाना साधा।
इससे पहले तिनसुकिया पहुंचने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “असम के तिनसुकिया में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ आसाम (AASAA) द्वारा आयोजित आदिवासी महासभा में शामिल होने का सौभाग्य मिला है। आज असम में अपने हजारों आदिवासी भाईयों-बहनों और बड़े-बुजुर्गों से मिलने का भी मौका मिला। इस ऐतिहासिक आदिवासी महासभा में मुझे आमंत्रित करने के लिए आप सभी का हार्दिक आभार, जोहार।”
वहीं आदिवासी महासभा को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां आदिवासी समाज को बांटने का काम किया गया है। प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव किया गया है। एसटी और टी ट्राइब के नाम पर आदिवासी समाज को बांटा गया है। आने वाले समय में असम में विधानसभा का चुनाव होगा। चुनाव में 5 सालों का हिसाब होता है जनता उनसे हिसाब लेगी।
आगे उन्होंने कहा कि चुनाव कब होगा ये हमें पता नहीं, आपको भी पता नहीं है लेकिन जो सत्ता में बैठे हुए है उन्हें जरूर पता होता है। एसआईआर के नाम पर वोट चोरी नहीं बल्कि वोट डकैती की जा रही है। झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के आये प्रवासी लोगों के साथ असम में अन्याय किया जाता है।


