नई दिल्ली: 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला चरण बुधवार को संसद के सेंट्रल हॉल में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक से शुरू हो गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बीते वर्षों में भ्रष्टाचार व घोटालों से निपटने में सरकार को सफलता मिली है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के जरिए शासन व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
बजट सत्र के इस पहले हिस्से में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव (मोशन ऑफ थैंक्स) पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर बहस मुख्य एजेंडा रहेगा। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अस्थायी रूप से तीन दिन, यानी 2 फरवरी से 4 फरवरी तक का समय तय किया गया है। बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। यह सत्र दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है। इस पूरे बजट सत्र के दौरान संसद की कुल 30 बैठकें होंगी।
संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, 28 जनवरी और 1 फरवरी को संसद में शून्यकाल नहीं होगा। इन दिनों कार्यसूची के अनुसार महत्वपूर्ण सरकारी कामकाज और बजट से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। बजट सत्र को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज है। सरकार जहां अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष की ओर से विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में संसद के भीतर बजट और नीतिगत फैसलों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


