रामगढ़: भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को झारखंड के ऐतिहासिक सिद्धपीठ रजरप्पा में मां छिन्नमस्तिके का दर्शन किया और आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में कदम रखते ही आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर एडमिरल ने न केवल जीत का आशीर्वाद मांगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों से देश के दुश्मनों को एक कड़ा संदेश भी दिया।
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पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एडमिरल त्रिपाठी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं यहाँ अपनी मर्जी से नहीं आया, बल्कि माता रानी ने मुझे बुलाया था। यहाँ आकर मन को जो शांति और शरीर को जो ऊर्जा मिली है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।” उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि यदि माता रानी का बुलावा फिर आया, तो वे संध्या आरती के दिव्य दर्शन के लिए दोबारा यहाँ जरूर आएंगे।
समंदर की लहरों से सुरक्षा की हुंकार
आध्यात्मिक शांति के बीच नौसेना प्रमुख का तेवर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बेहद सख्त दिखा। नेवी चीफ ने कहा कि देश की सुरक्षा अच्छी है और सही हाथों में है. जो भी हम पर बुरी नजर डालेगा, उसे बुरे नतीजे भुगतने पड़ेंगे। कहा नेवी अपना काम कर रही है। पृथ्वी पर 71% है, तो जहां भी पानी होगा, हमारी नेवी वहां पहुंचेगी, कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरह से, क्योंकि भारत के समुंद्रतट की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
एडमिरल त्रिपाठी के इस दौरे ने सिद्धपीठ की महत्ता को एक बार फिर वैश्विक फलक पर रेखांकित किया है। वहीं मंदिर प्रशासन ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच भी अपने नेवी चीफ को इतने करीब से देखने का जबरदस्त उत्साह दिखा।


