न्यूज डेस्क : ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी ऐसे उपद्रवी हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं. सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को “दंगा करने वाले” और “बदमाशों का झुंड” कहा है. उन्होंने कहा है कि ये लोग केवल “अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने” की कोशिश कर रहे हैं. ख़ामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर सरकारी इमारतों को नष्ट करने का आरोप लगाया.
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दुनिया के घमंडी शासकों में ट्रंप
एक अन्य बयान में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तुलना दुनिया के तानाशाह और घमंडी शासकों से की है. ख़ामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए अपनी बात रखी है, जिसमें ट्रंप पर भी निशाना साधा गया है. उन्होंने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाह और घमंडी शासक, जैसे फिरौन, निमरूद, मोहम्मद रज़ा पहलवी और ऐसे दूसरे शासकों का पतन तब हुआ जब उनका घमंड चरम पर था. उनका (ट्रंप) भी पतन होगा.”
ख़ामेनेई ने दावा किया, “आज, ईरान क्रांति से पहले की तुलना में ज़्यादा सुसज्जित और हथियारों से लैस है. हमारी आध्यात्मिक ताकत और पारंपरिक हथियारों की तुलना पुराने समय से नहीं की जा सकती. पहले की तरह आज भी अमेरिका ईरान के बारे में अपनी समझ में ग़लत है.” ख़ामेनेई ने कहा कि सभी को पता होना चाहिए कि ईरान जिसे लाखों सम्मानित लोगों के बलिदान से बनाया गया था, तबाही मचाने वालों के सामने पीछे नहीं हटेगा.
ख़ामेनेई ने कहा, “12-दिन के युद्ध में, हमारे देश के एक हज़ार से ज़्यादा नागरिक शहीद हुए. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने इसका आदेश दिया था. तो, उन्होंने मान लिया कि ईरानियों का खून उनके हाथों पर है. अब वह कह रहे हैं कि वह ईरानी राष्ट्र के साथ हैं.”
ख़ामेनेई ने वेनेज़ुएला की घटना को लेकर भी ट्रंप पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा है, “आप देख सकते हैं कि उन्होंने लैटिन अमेरिका के एक देश को कैसे घेर लिया है और वहाँ कुछ कदम उठाए हैं. उन्हें शर्म भी नहीं आती और वे साफ-साफ कहते हैं कि यह तेल के लिए था..”
13 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन
ईरान में 13 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन देश की अर्थव्यवस्था के बुरे हालात को लेकर शुरू हुए थे. अब यह बीते कई साल का सबसे बड़ा प्रदर्शन बन गया है. इन प्रदर्शनों में ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक को ख़त्म करने की मांग उठ रही है और कुछ लोग राजशाही को फिर से बहाल करने की बात कर रहे हैं.
मानवाधिकार समूहों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कम से कम 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. इसकी वजह से पूरे देश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. इधर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व में कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हैं. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका ईरान पर “जोरदार हमला” करेगा.


