दिल्ली : देश में न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। गुरुवार को एक साथ कई राज्यों के करीब 10 कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल के अलग-अलग कोर्ट परिसरों को ई-मेल के जरिए धमकियां भेजी गईं। धमकी मिलते ही सभी जगहों पर कोर्ट परिसर खाली कराए गए और पुलिस, डॉग स्क्वाड तथा बम निरोधक दस्तों को मौके पर तैनात कर दिया गया। अचानक मिली इन धमकियों से वकीलों, जजों, कर्मचारियों और आम लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
पंजाब में फिरोजपुर, मोगा और रोपड़ जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जबकि हिमाचल प्रदेश में हिमाचल हाईकोर्ट को भी धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और कोर्ट परिसर की गहन जांच शुरू कर दी गई। पंजाब पुलिस के सूत्रों के मुताबिक जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर यह धमकी आई थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मेल कहां से और किसने भेजा, क्योंकि अधिकारी जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहने से बच रहे हैं। एहतियात के तौर पर कोर्ट की पार्किंग भी खाली कराई गई और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बिहार में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए जब एक साथ चार कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट और गया सिविल कोर्ट को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में लिखा गया था कि कोर्ट परिसर में तीन RDX लगाए गए हैं और तय समय पर धमाका किया जाएगा। इसके बाद पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। कोर्ट को तत्काल बंद कर दिया गया और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जो लोग कोर्ट आ रहे थे, उन्हें वापस भेज दिया गया। कैदी, गवाह, वकील और कर्मचारी सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरे प्रदेश में कोर्ट परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला न्यायालय को भी RDX से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई थी। मेल मिलते ही पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसी तरह मध्य प्रदेश के रीवा में नवीन जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह मैसेज सीधे प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मिला था, जिसे तुरंत पुलिस अधीक्षक को फॉरवर्ड किया गया, इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की तलाशी ली।
केरल में कासरगोड जिला कोर्ट को भी गुरुवार सुबह करीब 11 बजे धमकी भरा ई-मेल मिला। इसके बाद अदालत परिसर को खाली कराकर जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तुरंत बम स्क्वाड को बुलाया गया और हर कोने की जांच की गई, हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। एक वकील ने दावा किया कि धमकी भरा ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया था, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि अगर धमकी झूठी पाई जाती है तो मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला नया नहीं है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में कोर्ट, स्कूल और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं। वर्ष 2024 और 2025 में कई बार ऐसे ई-मेल सामने आए, जिनमें से अधिकतर जांच के बाद फर्जी निकले। इसके बावजूद हर बार प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी पड़ती है, क्योंकि किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जानकारों का मानना है कि ऐसी धमकियों का मुख्य मकसद डर और अफरा-तफरी फैलाना, सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा लेना और प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाना हो सकता है। कई बार साइबर अपराधी या शरारती तत्व सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए भी इस तरह के ई-मेल भेजते हैं।
फिलहाल सभी राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और साइबर सेल की मदद से धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है। IP एड्रेस और मेल के स्रोत को ट्रेस करने की कोशिश तेज कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन धमकियों के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या है। प्रशासन ने साफ किया है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। लगातार मिल रही ऐसी धमकियां देश की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर सामने आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं।
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