पलामू : जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में ओझागुणी को लेकर हुई एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने इसमें संलिप्त चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो फरार हैं। यह जानकारी सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने देते हुए कहा कि यह कार्रवाई पुलिस ने खुद के प्राथमिकी और अनुसंधान के बाद की। हत्या की यह घटना बीते 22 दिसम्बर की है, जिसमें पुलिस ने 24 दिसम्बर को शव बरामद किया था।
इस मामले में पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े को भी बरामद किया है। यह हत्या लेस्लीगंज थाना के डबरा जंगल में हुई, जहां से शव बरामद किया गया। इस संबंध में एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि ” 65 वर्षीय पच्चु मोची की हत्या में उसके परिजन ही शामिल थे, इसलिए प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी की, जिससे विवश होकर पुलिस चौकीदार रविन्द्र पासवान के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी।” मृतक ओझाई किया करता था ।
उन्होंने बताया कि “इस हत्या के लिए 40 हजार रुपये में कथित हत्यारे को तैयार किया गया था और अग्रिम राशि 10 हजार रुपये दिये गये थे।” पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्या की वजह यह थी कि मृतक का तीन माह पहले 4500 रुपये गुम हो गया था, जिससे वह नाराज होकर अपने “घर के देवता” को उखाड़ कर फेंक दिया था। इस दौरान उसके परिजन धनंजय रविदास के माता और भाई की मौत हो गई थी। यही नहीं मृतक के बेटों के बेटा-बेटी बीमार रहते थे।
रमेशन ने बताया कि ‘इन सब परेशानियों का जङ परिवार मृतक को मानता था, जिसके निवारण के लिए ही परिजनों ने एक योजना के तहत उसकी हत्या कर दी थी।’ उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के अनुसंधान में प्राप्त तथ्य के बाद चचेरे भाई धनंजय रविदास (33), बब्बलू मोची (38), सतेन्द्र कुमार (32) और मुनेश्वर कुमार रवि (20) को गिरफ्तार किया गया।” एसपी रमेशन ने बताया कि “परिजनों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल नहीं होना पुलिस को ‘शक’ का आधार मिल गया था । इस हत्या में कौन-कौन शामिल हैं, यह भी आसपास के लोग जानते थे, लेकिन मुंह खोलने में बचते थे।” पुलिस दो आरोपियों की तलाश कर रही है ।


