रांची : JSSC CGL 2023 में पिछले दिनों झारखंड हाईकोर्ट की ओर से परिणाम पर लगी रोक हटाने और उसके बाद JSSC की ओर से 1932 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। प्रकाश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। अब इस मामले में सफल अभ्यार्थियों की ओर से दीपक उरांव एवं सत्यकी कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट फाइल किया गया है। उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में आग्रह किया गया है कि किसी भी फैसले के पूर्व उनका पक्ष सुना जाए।
दरअसल, मामले की सीबीआइ जांच को लेकर दायर प्रकाश कुमार एवं अन्य की जनहित याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट का फैसला बीते 3 दिसंबर को आया था। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अंतरिम आदेश पर रोक हटाते हुए जेएसएससी को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया था। इसके अलावा एसआईटी को 6 माह में जांच पूरी करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट ने परीक्षा गड़बड़ी में शामिल नेपाल गए 10 अभ्यर्थियों के रिजल्ट का रिजल्ट प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि भविष्य में यदि एसआईटी जांच में किसी अभ्यर्थी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसकी नियुक्ति प्रक्रिया को वह समाप्त कर सकता है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका निष्पादित कर दी थी।
बता दें कि प्रार्थी प्रकाश कुमार व अन्य की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी. सीजीएल परीक्षा रद्द करने तथा पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की थी. परीक्षा में पेपर लीक, पेपर का सील खुला होना, बड़ी संख्या में प्रश्नों को रिपीट करने जैसी गड़बड़ी हुई है. सीजीएल परीक्षा-2023 में 3,04,769 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. विभिन्न विभागों में 2025 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी है.


