रांची : लातेहार जिले का खूबसूरत और शांत पर्यटन स्थल नेतरहाट अब एक बार फिर नई पहचान बनाने जा रहा है। गुरुवार को यहां जंगल सफारी सेवा की शुरुआत की गई। राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से इस सफारी का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन विभाग की टीम भी मौजूद रही। जंगल सफारी का संचालन पलामू टाइगर रिजर्व और झारखंड पर्यटन विभाग मिलकर करेंगे। उद्घाटन के बाद मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने खुद सफारी पर निकलकर रोमांचक अनुभव साझा किया।
Highlights:
नेतरहाट पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि राज्य सरकार नेतरहाट को एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी की शुरुआत से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार की योजना है कि नेतरहाट में नई सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।
40 किलोमीटर का रोमांचक सफर, तीन घंटे का अनुभव
जंगल सफारी के तहत पर्यटकों को लगभग 40 किलोमीटर लंबी यात्रा कराई जाएगी। इस सफर में उन्हें अपर घघरी जलप्रपात, लोअर घघरी और आसपास के अन्य प्राकृतिक स्थलों तक ले जाया जाएगा। इस दौरान लोग घने जंगलों, पहाड़ियों और प्राकृतिक दृश्यों को नजदीक से देख सकेंगे।
विधायक रामचंद्र सिंह ने बताया कि चूंकि सफारी खुली गाड़ियों से कराई जा रही है, इसलिए रास्ते भर पर्यटक नेतरहाट के खूबसूरत नजारे बिना किसी बाधा के देख पाएंगे। करीब तीन घंटे की यह यात्रा पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देगी, जिससे वे नेतरहाट की प्रकृति और जंगलों को और करीब से समझ सकेंगे।
पहले चरण में तीन खुली गाड़ियाँ
जंगल सफारी की शुरुआत में पहले चरण में तीन खुली सफारी गाड़ियों को शामिल किया गया है। आने वाले समय में मांग बढ़ने पर गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फॉरेस्ट विभाग और पर्यटन विभाग मिलकर मॉनिटरिंग करेंगे ताकि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
जंगल सफारी से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। गाड़ी संचालन, गाइडिंग, होटल एवं लॉज सेवाओं में युवाओं को काम मिलेगा। इसके अलावा, स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की बिक्री भी बढ़ने की उम्मीद है।
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प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का संगम
नेतरहाट पहले से ही सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन जंगल सफारी के शुरू होने से यहां पर्यटन का दायरा और बढ़ गया है। पर्यटक अब केवल दृश्य देखने नहीं, बल्कि जंगलों के बीच से गुजरकर प्रकृति को महसूस करने नेतरहाट आएंगे। जंगल सफारी से नेतरहाट एक बार फिर पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा और झारखंड की प्राकृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।


