Wednesday, July 22, 2026

झारखंड की पहली महिला DGP के रूप में तदाशा मिश्रा ने ग्रहण किया पदभार

झारखंड  :  तदाशा मिश्रा झारखंड की पहली महिला डीजीपी के रूप में शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया. 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में गृह विभाग में विशेष सचिव के पद पर पदस्थापित तदाशा मिश्रा झारखंड में वरीयता क्रम में चौथे स्थान पर हैं लेकिन बावजूद इसके गुरूवार देर शाम गृह विभाग ने उन्हें प्रभारी डीजीपी बनाये जाने की अधिसूचना जारी की. इस मौके पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे. इससे पहले गृह विभाग की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना के अुसार डीजीपी पद से अनुराग गुप्ता के वीआरएस को राज्य सरकार ने 6 नवंबर की तिथि से स्वीकार कर लिया था. प्रभारी डीजीपी के रूप में उनका कार्यकाल अगले महीने खत्म होगा, क्योंकि वह 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्ति हो रही हैं. तदाशा मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं और डीजीपी के रूप में उनका कार्यकाल सबसे छोटा रहने वाला है.

2bf5c2c9 375a 4709 a78b a82d53c22e25

झारखंड में डीजी रैंक में उनसे सीनियर तीन अधिकारी हैं जिनमें 1990 बैच के अनिल पाल्टा, 1992 बैच के प्रशांत सिंह और 1993 बैच के एमएस भाटिया शामिल हैं. तदाशा मिश्रा को साल 2018 में डीजी रैंक में प्रोन्नति मिली थी. वह डीजीपी जी एस रथ के कार्यकाल में पुलिस मुख्या में डीआईजी कार्मिक के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने एडीजी जैप, एडीजी रेल का भी दायित्व संभाला है.

Also Read : झारखंड की पहली महिला DGP तदाशा मिश्रा कभी रांची में रही थी सिटी एसपी, 2018 में इकलौते बेटे ने दी थी जान

डीजीपी के पद के लिए यूपीएससी की नियमावली हो या राज्य सरकार की नई नियमावली हो, दोनों ही नियमावली के तहत डीजीपी पद पर नियमित पदस्थापन के लिए सेवानिवृत्ति की तिथि कम से कम छह महीने रहना अनिवार्य है. ऐसे में इस नियमावली के तहत तदाशा मिश्रा को अवधि विस्तार नहीं मिल सकता है. ऐसे में अगले दो महीने में राज्य सरकार को नई डीजीपी की तलाश करनी होगी.

f2443d8f 7ae3 4f8a 92f8 f84dacc36f32

डीजीपी का पदभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की. प्रभारी पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण करने के उपरांत मुख्यमंत्री से उनकी यह पहली शिष्टाचार भेंट थी.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर