झारखंड : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन बुधवार को राजधानी रांची के पीपी कंपाउंड स्थित गुरुनानक स्कूल पहुंचकर गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित 556वें “प्रकाश उत्सव” में सम्मिलित हुए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक समस्त झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाली की कामना की. मौके पर मुख्यमंत्री ने समस्त सिख समुदाय एवं राज्यवासियों को गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व एवं कार्तिक पूर्णिमा की हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएं दी.
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समाज को एक सूत्र में बंधे रहने का संदेश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि आज का दिन बहुत ही शुभ दिन है. गुरुनानक जयंती का दिन समस्त सिख समाज के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं हर वर्ष इस दिन थोड़ी देर के लिए यहां आता हूं. गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित “प्रकाश उत्सव” में सम्मिलित होकर मुझे बहुत हर्ष की अनुभूति होती है. यह आयोजन समाज को एक सूत्र में बंधे रहने का संदेश देता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुनानक देव जी के विचारों एवं वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है.
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गुरुनानक देव जी सकल समाज के लिए प्रेरणा स्रोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुनानक देव जी सिर्फ सिख समाज के लिए ही नहीं बल्कि सकल समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. गुरुनानक देव जी की दूरदर्शी सोच, उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते और उनके आदर्शों पर चलकर ही सशक्त समाज के निर्माण की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुनानक देव जी के विचार, कर्म और समर्पण से हमें यह सीख मिलती है कि हम सबों का सदैव एक-दूसरे का हाथ थाम कर एकसूत्र में बंधकर आगे बढ़ते रहना ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि आज के इस “प्रकाश उत्सव” कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से सिख समाज के लोग यहां पहुंच रहे हैं. गुरुनानक देव जी के प्रति सच्ची श्रद्धा लोगों को यहां खींचती है.


