Saturday, September 12, 2026

JSSC-CGL पेपर लीक मामला : वित्त विभाग के अधिकारी संतोष मस्ताना गिरफ्तार, सीआईडी की बड़ी कार्रवाई

रांची :  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी (अपराध अनुसंधान विभाग) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस बार गिरफ्तारी झारखंड के वित्त विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी संतोष मस्ताना की हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस परीक्षा से जुड़े पेपर लीक रैकेट में अहम भूमिका निभाई थी और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में मदद का वादा किया था।

इस गिरफ्तारी के साथ ही अब तक इस मामले में कई पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी और गिरोह के सरगना पकड़े जा चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और सरकारी नौकरियों के इच्छुक उम्मीदवारों को निशाना बना रहा था।

कैसे हुआ था पेपर लीक का खुलासा

JSSC-CGL परीक्षा झारखंड के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रतियोगी परीक्षा है, जिसमें हजारों उम्मीदवारों ने भाग लिया था। परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर सवालों की समानता और पेपर लीक की शिकायतें उठाईं। मामला गंभीर देखते हुए सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी।

जांच के शुरुआती चरण में ही सीआईडी को कई अहम सबूत मिले। एजेंसी ने उन लोगों को ट्रैक किया जिन्होंने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश की थी। पूछताछ में सामने आया कि कुछ सरकारी कर्मचारी, दलालों के जरिए अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूल रहे थे। इसके बाद कई छापेमारी और गिरफ्तारियां हुईं।

सीआईडी की जांच में बड़े नाम आए सामने

जांच के दौरान सीआईडी ने अब तक दर्जनों संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के जवान, स्थानीय दलाल और कुछ निजी कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग शामिल हैं। अब वित्त विभाग के अधिकारी संतोष मस्ताना की गिरफ्तारी से यह साबित हो गया है कि रैकेट के तार सरकारी तंत्र तक फैले हुए हैं।

सीआईडी के एक अधिकारी के अनुसार, “संतोष मस्ताना की भूमिका संदिग्ध थी। उन्होंने पेपर लीक की प्रक्रिया में सहायता की थी और अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने वाले नेटवर्क से संपर्क में थे।” हालांकि, सीआईडी ने अभी तक उनके खिलाफ लगाए गए सटीक आरोपों का खुलासा नहीं किया है।

हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम पर लगाई रोक

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने फिलहाल JSSC-CGL परीक्षा के अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने सीआईडी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि जांच पूरी होने तक कोई परिणाम प्रकाशित न किया जाए।

परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब भी असमंजस में हैं। कई उम्मीदवारों ने कहा कि इस घोटाले ने मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार और JSSC पर उठे सवाल

इस मामले ने राज्य सरकार और JSSC दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दलों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

झारखंड में यह पहला मौका नहीं है जब किसी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक की बात सामने आई हो, लेकिन इस बार इसमें सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता ने पूरे राज्य को हिला दिया है।

सीआईडी की लगातार कार्रवाई से यह साफ है कि जांच एजेंसी इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए गंभीर है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि इस रैकेट के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अभ्यर्थियों और आम जनता की नजरें अब सीआईडी की आगामी रिपोर्ट पर टिकी हैं।

 

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एयर नाऊ स्पेशल

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