सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन नाबालिग बच्चियों के भविष्य को अंधकार में जाने से बचा लिया है। महानगरों में ले जाकर बच्चियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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गुप्त सूचना पर हुई गिरफ़्तारी
डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के एक सुदूर गांव से तीन नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर महानगर (दिल्ली/मुंबई) ले जाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही सिमडेगा एसपी के निर्देश पर मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) और मुफस्सिल थाना की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की और तीनों बच्चियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित निकाल लिया।
उत्तर प्रदेश से जुड़ा है तस्करी का तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक स्थानीय महिला देवसनी कुमारी (एजेंट की भूमिका) के साथ मुख्य आरोपी व तस्कर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला अमित गुप्ता शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और पहले से बुक किए गए रेलवे टिकट बरामद किए हैं। इन टिकटों से साफ जाहिर होता है कि बच्चियों को बहुत ही सुनियोजित तरीके से राज्य से बाहर भेजने की साजिश थी।
बच्चियों की सुरक्षा और पुनर्वास
रेस्क्यू की गई तीनों बच्चियों को फिलहाल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें उचित काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया के बाद सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया है।
डीएसपी मुख्यालय रणवीर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी समाज के लिए एक नासूर है। सिमडेगा पुलिस इस नेटवर्क की गहराई तक जाएगी और इसमें शामिल हर छोटे-बड़े अपराधी को सलाखों के पीछे भेजेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

