रांची: झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। गृह मंत्रालय को सौंपे गए संपत्ति विवरण के अनुसार, राज्य कैडर के 28 आईपीएस अधिकारियों ने अपने नाम पर किसी भी तरह की संपत्ति नहीं होने की घोषणा की है। वहीं, दूसरी ओर कुछ शीर्ष स्तर के आईपीएस अधिकारियों के पास बड़ी मात्रा में संपत्ति दर्ज की गई है। अब तक झारखंड कैडर के कुल 117 आईपीएस अधिकारियों ने गृह मंत्रालय को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण सौंपा है। इनमें से 28 अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि उनके पास किसी प्रकार की संपत्ति नहीं है। यह आंकड़ा प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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शून्य संपत्ति घोषित करने वाले 28 आईपीएस अधिकारियों में नरेंद्र कुमार सिंह, सुदर्शन प्रसाद मंडल, पटेल मयूर कन्हैया लाल, एस. कार्तिक, अखिलेश बी. वरियार, अंजनी कुमार झा, हरदीप पी. जनार्दन, निधि द्विवेदी, प्रशांत आनंद, अमन कुमार, एल्मेड एक्का, पियुष पांडेय, प्रांजल रूंडला, ऋषभ कुमार झा, आर. राम कुमार, हरिस बिन जमां, कुमार गौरव, मनोज स्वरगिरे, गर्ग ऋषभ, कपिल चौधरी, सुमित कुमार अग्रवाल, प्रवीण पुष्कर, गौरव गोस्वामी, ललित मीणा, ऋत्विक श्रीवास्तव, शिवम प्रकाश, वेदांत शंकर और राघवेंद्र शर्मा शामिल हैं।
शीर्ष अधिकारियों की संपत्ति बनी चर्चा का विषय
जहां एक ओर 28 आईपीएस अधिकारियों ने किसी भी तरह की संपत्ति नहीं होने की जानकारी दी है, वहीं दूसरी ओर कुछ टॉप लेवल आईपीएस अधिकारियों के पास बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति दर्ज की गई है। इस असमानता को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आईपीएस अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से संपत्ति विवरण सौंपना पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गृह मंत्रालय के पास जमा यह जानकारी अब सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गई है, जिससे प्रशासनिक ईमानदारी और संपत्ति की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।


