रांची: झारखंड सरकार ने 1999 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे का निलंबन समाप्त कर दिया है। निलंबन से मुक्त होते ही चौबे ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दे दिया है. बता दें कि पिछले साल 2025 में 21 मई को चर्चित शराब घोटाला मामले में एसीबी की ओर से गिरफ्तार करने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था.
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विनय चौबे पर झारखंड की पूर्ववर्ती शराब नीति के दौरान बड़ा वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है. एसीबी की जांच के अनुसार, उन्होंने मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची. इस सांठगांठ के जरिए सरकारी राजस्व को भारी चपत लगाई गई और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसी मामले में गहन पूछताछ के बाद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
जेल जाने के बाद विनय चौबे की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब उनके खिलाफ दो अन्य प्राथमिकी दर्ज की गईं. अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर साल 2010 में हजारीबाग का डीसी रहते वन भूमि का अवैध म्यूटेशन कराना. दूसरा मामला यह था कि अपने करीबियों और रिश्तेदारों के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर कीमती जमीनों का म्यूटेशन स्वीकृत कराना. इन सभी मामलों में अदालत से नियमित जमानत मिलने के बाद विनय चौबे पिछले महीने जेल से बाहर आए.

