बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार अभियान आज शाम 6 बजे खत्म हो रहा है. 11 नवंबर मंगलवार को 20 जिलों की 122 सीटों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। जिन 20 जिलों के विधानसभा सीटों में दूसरे मतदान होना है उसमें पश्चिमी चंपारण में 9 सीटें, पूर्वी चंपारण में 12 सीटें, शिवहर में एक सीट, सीतामढ़ी में 8 सीटें, मधुबनी में 10 सीटें, सुपौल में 5 सीटें, अररिया में 6 सीटें, किशनगंज में 4 सीटें, पूर्णिया में 7 सीटें, कटिहार में 7 सीटें, भागलपुर में 7 सीटें, बांका में 5 सीटें, कैमूर में 4 सीटें, रोहतास में 7 सीटें, अरवल में 2 सीट, जहानाबाद में 3 सीटें, औरंगाबाद में 6 सीटें, गयाजी में 10 सीटें, नवादा में 5 सीटें और जमुई में 4 सीटें हैं.
इन 122 सीटों में 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इस चरण में 1302 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जिनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर उम्मीदवार शामिल हैं. इनमें 9 मौजूदा मंत्री, 15 पूर्व मंत्री सहित कई राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष की साख दांव पर है. इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कुल 3 करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता करेंगे। मतदाताओं में 1 करोड़ 95 लाख, 44 हजार 041 पुरुष और 1 करोड़ 74 लाख 68 हजार 572 महिला एवं 943 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं।
दूसरे चरण के चुनाव में सबसे खास बात यह है कि सभी 122 विधानसभा क्षेत्रों में दो लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के अनुसार, सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र मखदुमपुर है, जहां 2,47,574 मतदाता वोट डालेंगे, जबकि सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र हिसुआ है, जहां सर्वाधिक 3,67,667 मतदाता मतदान करेंगे।
दूसरे चरण में बिहार के 20 जिलों में कुल 45,399 बूथों पर मतदान होगा। इनमें शहरी क्षेत्र में 5,326 और ग्रामीण क्षेत्र में 40,073 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 45,399 बूथों में 45,388 सामान्य बूथ और 11 सहायक बूथ शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए विशेष केंद्र भी बनाए गए हैं: जिसमें महिलाओं की ओर से संचालित मतदान केंद्रों की संख्या 595 है तो उधर दिव्यांगजनों की ओर से संचालित बूथों की संख्या 91 है, 316 मॉडल मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इस चरण में सभी बूथों पर वेब कास्टिंग की सुविधा भी कराई जाएगी।
दूसरे चरण के चुनाव में चुनाव आयोग ने अधिक संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र और बूथों की पहचान की गई है. इमामगंज ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां के सात बूथों पर 3 बजे तक और 354 बूथों पर दोपहर 4 बजे तक मतदान होगा. बोधगया विधानसभा क्षेत्र की 200 बूथों पर दोपहर 4 बजे तक और 106 बूथों पर मतदान शाम 5 बजे तक कराया जायेगा. चैनपुर, रजौली, गोविंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई विधानसभा की सभी बूथों पर दोपहर चार बजे तक वोटिंग चलेगी.
इसी तरह यदि दूसरे चरण में प्रत्याशियों की संख्या के आधार पर सबसे ज्यादा और सबसे कम उम्मीदवार वाले विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो सर्वाधिक 22-22 उम्मीदवारों वाले तीन विधानसभा क्षेत्र हैं: कैमूर में चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया जी का गया शहर। वहीं, सबसे कम उम्मीदवार (5-5) वाले छह विधानसभा क्षेत्र भी हैं। इन छह क्षेत्रों में पश्चिमी चंपारण का लौरिया और चनपटिया; पूर्वी चंपारण के रक्सौल और सुगौली; सुपौल का त्रिवेणीगंज; एवं पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
दूसरे चरण में यदि गठबंधनों के हिसाब से देखा जाए तो दोनों गठबंधनों में कौन कौन दल कितनी सीटों पर चुनाव मैदान में है : महागठबंधन में राजद 70, कांग्रेस 37, वीआईपी 8, भाकपा माले 5, भाकपा 4 और माकपा 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जबकि एनडीए में भाजपा 52, जदयू 45, लोजपा (रा) 15, हम 6 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा 4 सीटों पर चुनाव मैदान में है.
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सुपौल से बिजेंद्र प्रसाद यादव, चकाई से सुमित कुमार सिंह, झंझारपुर से नीतीश मिश्र, अमरपुर से जयंत राज, छातापुर से नीरज कुमार सिंह बबलू, बेतिया से रेणु देवी, धमदाहा से लेशी सिंह, हरसिद्धि से कृष्णनंदन पासवान और चैनपुर से जमा खान चुनाव मैदान में हैं.
दूसरे चरण में महागठबंधन में राजद से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कटिहार के कदवा से कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.


