सीवान : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ आठ दिन बचे हैं। लोकआस्था के पर्व छठ की समाप्ति के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन के नेता मैदान में उतर गए हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीवान जिले के रघुनाथपुर में एनडीए प्रत्याशी के समर्थन में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
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योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में लोगों का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैं इस धरती पर आया हूं, इंद्र देव की कृपा बरसने लगी। ऐसा लग रहा है कि भगवान इंद्रदेव भी रघुनाथपुर की जनता को एनडीए प्रत्याशी की जीत का आशीर्वाद दे रहे हैं।”
विपक्ष पर तीखा प्रहार
योगी आदित्यनाथ ने रैली में आते ही विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार की यह पवित्र धरती ज्ञान, शक्ति और क्रांति की भूमि है। “यह धरती माता सीता, भगवान बुद्ध, महावीर, गुरु गोविंद सिंह, चाणक्य, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर जैसी महान विभूतियों की है, लेकिन कुछ लोगों ने इस धरती की पहचान पर संकट खड़ा कर दिया था,” उन्होंने कहा।
योगी ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि बिहार की गौरवशाली पहचान को बचाने की लड़ाई है। पिछले 20 वर्षों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बिहार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आज बिहार विकास की राह पर है और इसे फिर से अराजकता की ओर नहीं जाने देना है।
राजद प्रत्याशी ओसामा शहाबुद्दीन पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने राजद प्रत्याशी ओसामा शहाबुद्दीन का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “राजद ने यहां से जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, वह अपने खानदानी आपराधिक इतिहास के लिए पूरे देश में बदनाम रहा है। नाम भी वैसा, काम भी वैसा।”
उन्होंने कहा कि बिहार को उन ताकतों से बचाना होगा जिन्होंने हमेशा अपराध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। यही वो लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर के रथ को रोकने का पाप किया था। कांग्रेस तो यह तक कहती थी कि भगवान राम हैं ही नहीं, और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।
अयोध्या और जानकी मंदिर का उदाहरण
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या को विश्व स्तर पर विकसित किया है। हमने अयोध्या में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज और महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट का निर्माण कराया। 500 वर्षों के कलंक को मिटाते हुए भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। अब हमने 6100 करोड़ रुपये की लागत से राम-जानकी मार्ग का निर्माण शुरू किया है, जो अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ेगा।
योगी ने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की ही देन है कि आस्था और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
“बिहार में अब जंगलराज नहीं, जनराज चाहिए”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अब बिहार को फिर से जंगलराज में नहीं जाने देना है। अपराधियों को पनपने नहीं देना है। जरूरत पड़ी तो यूपी का बुलडोजर भी यहां अपराधियों के खिलाफ चलेगा।
उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस को पेशेवर अपराधियों को टिकट देने में गर्व है, लेकिन बिहार की जनता अब समझ चुकी है। “अब बिहार की जनता विकास चाहती है, न कि अपराध और अराजकता,” योगी ने कहा।
गरीब और महिलाओं के विकास पर बोले योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार ने गरीबों, किसानों और महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है।
उन्होंने कहा, “आज हर गरीब के पास राशन है, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन है, हर घर में शौचालय है और हर परिवार को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत मिल रहा है।”
योगी ने कहा कि बिहार सरकार ने महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। पहली बार देश में गरीबों को उनका हक मिला है। अब किसी को भुखमरी या पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
“अब बिहार में सब बा”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “अब बिहार में सब बा” अच्छी सड़कें, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और रोज़गार के अवसर। बिहार अब पलायन नहीं, बल्कि प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद और माओवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। “बिहार में डबल इंजन की सरकार ने यह साबित कर दिया है कि सबका साथ, सबका विकास सिर्फ नारा नहीं, हकीकत है,” उन्होंने कहा।
रघुनाथपुर की जनता से अपील
रैली के अंत में योगी आदित्यनाथ ने रघुनाथपुर की जनता से अपील की कि वे एनडीए प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे जनप्रतिनिधि चाहिए जो गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के साथ खड़ा हो, न कि अपराधियों का साथ दे। बिहार की जनता को तय करना है कि वह जंगलराज को वापस लाना चाहती है या विकास और जनराज की राह पर आगे बढ़ना चाहती है।
सीवान में योगी आदित्यनाथ की रैली ने बिहार चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। जहां एनडीए विकास और स्थिरता की बात कर रहा है, वहीं महागठबंधन पुरानी नीतियों और पहचान की राजनीति पर जोर दे रहा है। अब देखना यह होगा कि रघुनाथपुर की जनता किसे अपना जनप्रतिनिधि चुनती है, विकास का प्रतीक या अपराध की विरासत।


