एयरनाउ डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव में आज पहले चरण के लिए नामांकन का काम खत्म हो रहा है. सत्ताधारी एनडीए में 243 सीटों की तस्वीर साफ हो गई है. आपको जानकारी है कि इस बार एनडीए में 101 सीटों पर भाजपा, 101 सीटों पर जदयू, 29 सीटों पर चिराग पासवान की लोजपा, जीतनो राम मांझी की पार्टी हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है. एनडीए में इस बार 27 मौजूदा विधायकों के टिकट कटे हैं. जिसमें से 8 जदयू और 17 भाजपा के हैं. उम्मीदवारों की बात करें तो इनमें पिछड़ा-अति पिछड़ा कोटे से 117 उम्मीदवार दिये गये हैं. 84 सवर्णों को भी उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा 5 मुस्लिम और 35 महिलाएं भी उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में नजर आएंगी.
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सवर्ण उम्मीदवारों की जानकारी
सवर्ण उम्मीदवारों में बात करें तो सबसे अधिक भाजपा ने 48, जदयू ने 22, रालोमो और हम ने दो-दो और लोजपा ने 10 सवर्ण जाति के उम्मीदवारों को मौका दिया है. सवर्ण उम्मीदवारों में सबसे अधिक 36 राजपूत बिरादरी के उम्मीदवार उतारे गये हैं, जबकि 31 भूमिहार, 15 ब्राह्मण और दो कायस्थ उम्मीदवार हैं. इन दो कायस्थ उम्मीदवारों में जदयू-भाजपा ने एक-एक उम्मीदवार खड़े किये हैं. इसी तरह जेडीयू में 10 राजपूत, 9 भूमिहार ,2 ब्राह्मण और 1कायस्थ हैं। भाजपा में 20 राजपूत ,15 भूमिहार ,12 ब्राह्मण और 1 कायस्थ है .वहीं RLM में 1-1राजपूत और भूमिहार है. Ham में सिर्फ 2 भूमिहार है और राजपूत ब्राह्मण या कायस्थ एक भी नहीं है। लोजपा में 5 राजपूत , 4 भूमिहार 1 ब्राह्मण और एक भी कायस्थ नहीं है। इसी तरह यादव उम्मीदवारों में भाजपा ने चार और jdu ने आठ उम्मीदवार दिए हैं जबकि लोजपा (रामविलास) की सूची में चार यादव जाति के उम्मीदवार शामिल हैं। वही एससी सुरक्षित सीटों कि बात करें तो 38 सीटों में jdu ने 15, भाजपा ने 12, हम ने चार और लोजपा ने सात उम्मीदवार दिए हैं। जबकि jdu और भाजपा ने एक एक st प्रत्याशि दिए हैं। चलिए अब पार्टी में पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति के प्रत्याशियों की संख्या भी जान लेते हैं। जेडीयू में पिछड़ी और अतिपिछड़ी जाती की संख्या 59 है, भाजपा में 42 , rlm में 4 .लोजपा(r)में 12 जबकि, हम में एक भी ऐसा प्रत्याशी नहीं है। एनडीए ने पिछड़ा-अति पिछड़ी जाति से 117 उम्मीदवार उतारे हैं. इनमें 22 कुशवाहा शामिल हैं. जिसमे 13 जदयू से, पांच भाजपा, तीन रालोमो व एक लोजपा आर से हैं. जदयू ने सबसे अधिक पिछड़ा-अति पिछड़ी जातियों से 59 उम्मीदवारों को उतारा है.
कितनी सीटें आरक्षित है ?
एनडीए की पूरी 243 उम्मीदवारों की सूची में कुल 40 सीटें आरक्षित हैं. इनमें 38 अनुसूचित जाति के लिए और दो सीटें आदिवासियों के लिए सुरक्षित की गयी है. आरक्षित सीटों में सबसे अधिक 16 उम्मीदवार जदयू ने उतारे हैं. इनमें एक एसटी कोटे की भी सीट है, जबकि भाजपा ने 11 सुरक्षित सीटों पर उम्मीदवार दिया है, जिनमें एक सीट आदिवासी कोटे की है. जीतनराम मांझी की पार्टी हम ने चार और बाकी सात सुरक्षित सीटों पर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा आर ने उम्मीदवार दिये हैं. आपको ये भी बता दें कि Jdu की 101 की सूची में 31 उम्मीदवार पहली बार पार्टी प्रत्याशी घोषित किये गये हैं. इनमें पहले चरण में 15 और दूसरे चरण में 18 ऐसे उम्मीदवार हैं. इनमें समृद्ध वर्मा, विशाल साह, श्वेता गुप्ता, नागेंद्र राउत, सतीश साह, सोनम रानी सरदार, बब्लू मंडल, गोपाल अग्रवाल, कलाधर मंडल, बुलो मंडल, शुभानंद मुकेश, पप्पू कुमार वर्मा, ऋतुराज कुमार, चेतन आनंद, प्रमोद कुमार सिंह, विभा देवी व सुमित कुमार सिंह हैं. अब ये सब जानकर ये तो स्पष्ट है कि एनडीए ने इस विधानसभा चुनाव के लिए अनुभवी और नए चेहरों के साथ साथ जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश है। अब एनडीए की ये रणनीति कितनी सफल होती है वो देखना दिलचस्प होगा।


