नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने राहुल गांधी के “डिजिटल सत्याग्रह” की तारीफ़ की. रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “यह अच्छी बात है. मैंने हमेशा युवाओं और भारतीय नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मंच उपलब्ध कराने की वक़ालत की है. इसी सोच के साथ राहुल गांधी ने सत्याग्रह की शुरुआत की थी. इसका नाम भी सही रखा गया है.”
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झूठ और भ्रम फैलाने की आदत

हालांकि फिर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “विपक्ष को बार-बार झूठ और भ्रम फैलाने की आदत हो गई है. मुद्दे उठाना और फिर उन्हें बीच में ही छोड़ देना, ईवीएम से लेकर एसआईआर तक हर मुद्दे पर जनता के बीच भ्रम फैलाना. सच्चाई यह है कि जनता आपको नकार रही है. इसे आप सत्याग्रह के ज़रिए नहीं समझ पाएँगे, बल्कि आत्ममंथन के ज़रिए समझ पाएँगे.”
डिजिटल ‘सत्याग्रह’ क्या है?
राहुल गांधी ने 3 अक्तूबर को ‘सत्याग्रह’ नाम का एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है. इसका मक़सद देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों और लोगों के संघर्षों को एक जगह लाना है.
राहुल गांधी ने पूछा ये सवाल

इससे पहले राहुल गांधी ने बिहार में आई बाढ़ को लेकर बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने पूछा कि राज्य में बीते 17 वर्षों से सत्ता में रही बीजेपी की “डबल इंजन” सरकार ने इस बार-बार आने वाली समस्या से निपटने के लिए क्या किया है. राहुल गांधी ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं. कई लोगों की मौत और लापता होने की भी ख़बरें हैं.
उन्होंने कहा कि बिहार में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उन्होंने संवेदना व्यक्त की. राहुल गांधी ने कहा कि सबसे दुखद बात यह है कि बिहार के लिए यह कोई नई समस्या नहीं है. हर साल बाढ़ आती है, लोगों की जान जाती है, परिवार बिखर जाते हैं और बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
उन्होंने कहा, “बीजेपी की डबल इंजन सरकार को बताना चाहिए कि इस हर साल होने वाली त्रासदी को रोकने के लिए उसने पिछले 17 वर्षों में क्या किया है. ज़मीनी स्तर पर क्या बदलाव आया है?” राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की जनता को हर साल सिर्फ़ राहत और आश्वासनों की ज़रूरत नहीं है, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान चाहिए.


