मुंबई: महाराष्ट्र में शनिवार को स्थानीय निकाय लोकतंत्र की बड़ी परीक्षा शुरू हो गई है। राज्य के 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए सुबह से मतदान जारी है। बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चुनाव के लिए मतदान शनिवार सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ, जो शाम 5:30 बजे तक चलेगा। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव परिणामों की घोषणा 9 फरवरी को मतगणना के बाद की जाएगी।
Highlights:
12 जिलों में हो रहा है मतदान
आज जिन जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। इन सभी जिलों में ग्रामीण मतदाता उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस चुनाव में कुल 7,438 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिला परिषद की 731 सीटों के लिए 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पंचायत समिति की 1,462 सीटों के लिए 4,814 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
सीटों का आरक्षण
जिला परिषद की 731 सीटों में से 369 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। वहीं 83 सीटें अनुसूचित जाति, 25 अनुसूचित जनजाति और 191 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। पंचायत समिति की 1,462 सीटों में 731 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 166 सीटें अनुसूचित जाति, 38 अनुसूचित जनजाति और 342 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनाव में दो करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 करोड़ 6 लाख से अधिक पुरुष मतदाता, 1 करोड़ 1 लाख से अधिक महिला मतदाता और 468 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
25 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र
मतदान के लिए राज्य में कुल 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए करीब 1.28 लाख कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया गया है। आज सुबह बारामती में उपमुख्यमंत्री और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने मतदान किया। उनके मतदान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
राजकीय शोक के कारण टला था मतदान
गौरतलब है कि यह चुनाव पहले 5 फरवरी को होने थे, लेकिन 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के बाद राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था। इसी कारण मतदान की तिथि को आगे बढ़ाया गया था। अब सभी की निगाहें 9 फरवरी को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि ग्रामीण इलाकों में किस दल और उम्मीदवार को जनता का समर्थन मिला है।


