दिल्ली: मशहूर बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और गबन के मामले में गिरफ्तार किए गए इस दंपति को शीर्ष अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है।
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भारत का सर्वोच्च न्यायालय की पीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को अंतरिम जमानत का आदेश सुनाया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को तय की है। इससे पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
क्या है मामला?
यह पूरा विवाद उदयपुर स्थित इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत के बाद सामने आया। आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने फिल्म प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर डॉ. मुर्डिया से भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 30 करोड़ रुपये लिए।
एफआईआर के अनुसार, महाराणा-रण और विश्व विराट जैसी फिल्मों के नाम पर रकम ली गई थी। आरोप है कि न तो इन फिल्मों की शूटिंग शुरू हुई और न ही परियोजना पूरी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर फर्जी बिल तैयार कर रकम को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया।
कब हुई थी एफआईआर दर्ज?
नवंबर 2025 में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि यह मामला केवल अनुबंध के उल्लंघन का नहीं, बल्कि सोची-समझी धोखाधड़ी का है। इसी आधार पर राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भट्ट दंपति को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। अंतरिम जमानत मिलने के बाद भट्ट दंपति को फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है।


