उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने और विधानसभा के बजट सत्र की तारीख तय करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी
गुरुवार को लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। केवल 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। बैठक के फैसलों की जानकारी वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने कई जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई है।
यूपी बजट सत्र की तारीख तय
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तारीख भी तय की गई। बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। सरकार इस बजट में विकास योजनाओं और जनकल्याण योजनाओं पर खास जोर दे सकती है। कैबिनेट बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस फैसले से करीब 10 लाख से ज्यादा शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को लाभ मिलेगा। वहीं विस्तृत आंकड़ों के अनुसार 11.92 लाख से ज्यादा लोगों को इसका सीधा फायदा होगा।
आयुष्मान व्यवस्था की तर्ज पर लागू होगी योजना
सरकार इस सुविधा को आयुष्मान योजना की तर्ज पर लागू करेगी। इसका मतलब यह होगा कि लाभार्थियों को इलाज के लिए अस्पताल में सीधे कैशलेस सुविधा मिलेगी। यह योजना पूरी तरह कैशलेस होगी और इलाज के दौरान कर्मचारियों को जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस फैसले से माध्यमिक शिक्षा विभाग के करीब 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस योजना के लागू होने से सरकार पर लगभग 89.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
योजना लागू करने में कुल खर्च
पूरी योजना के क्रियान्वयन में सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना जैसे आयुष्मान योजना के तहत कवर हैं, उन्हें इस योजना का अलग से लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज सुविधा देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले से शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी खर्चों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


