Tuesday, October 6, 2026

ब्रिटेन में तेजी से बढ़े कोरोना केस, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, XFG वैरिएंट से बढ़ी चिंता

Health Desk: कोरोना एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ता दिख रहा है. दुनिया के कई हिस्सों में इसके केस सामने आ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस समय ब्रिटेन की हो रही है. यहां हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण बढ़ा है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है. ताजा आंकड़ों के अनुसार कोविड पॉजिटिविटी रेट 5.9% से बढ़कर 7% हो गया है. इसका मतलब है कि जांच कराने वाले लोगों में पहले से ज्यादा लोग संक्रमित मिल रहे हैं. सिर्फ केस ही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है. भर्ती दर 0.81 से बढ़कर 1.20 प्रति लाख हो गई है, यानी करीब 48% की बढ़ोतरी हुई है. लंदन में हालात और तेजी से बदले हैं, जहां यह बढ़ोतरी करीब 79% तक पहुंच गई है.

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बुजुर्गों पर ज्यादा असर 

इस बार कोरोना का असर सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 85 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में अस्पताल में भर्ती होने के मामले तेजी से बढ़े हैं. यह आंकड़ा पहले 7.08 प्रति लाख था, जो अब बढ़कर 12.43 प्रति लाख हो गया है. इससे साफ है कि जिन लोगों की उम्र ज्यादा है या जिनकी सेहत पहले से कमजोर है, उन्हें अभी भी ज्यादा खतरा है. यानी भले ही हालात पहले जैसे डरावने न हों, लेकिन कुछ लोगों के लिए कोरोना अब भी गंभीर हो सकता है.

XFG वैरिएंट

इस बार जिस वैरिएंट की चर्चा हो रही है, उसका नाम XFG है. यह कोरोना का नया रूप है. इसे आसान भाषा में समझें तो यह दो पुराने वैरिएंट के मिलकर बनने से बना है. यानी वायरस ने खुद को बदलकर नया रूप ले लिया है. यह ओमिक्रॉन के LF.7 और LP.8.1.2 नाम के दो हिस्सों से मिलकर बना है. इसका पहला मामला 27 जनवरी 2025 को सामने आया था. बाद में जून 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे नजर में रखने वाले वैरिएंट की सूची में डाल दिया. कुछ जगह इसे American Covid या Stratus नाम से भी जाना जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या XFG वैरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक है. अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसमें ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है कि यह वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है. डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बहुत ज्यादा गंभीर बीमारी के मामले नहीं बढ़े हैं. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम इसे हल्के में लें. खासकर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को अभी भी सावधान रहने की जरूरत है.

क्या हैं इसके लक्षण

इस वैरिएंट के लक्षण लगभग पहले जैसे ही हैं, इसलिए लोग इसे आसानी से पहचान सकते हैं. संक्रमित लोगों में खांसी, बुखार, गले में दर्द, सिरदर्द, नाक बहना और थकान जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. कुछ लोगों में शरीर दर्द, जोड़ों में दर्द और पेट से जुड़ी समस्या भी हो सकती है. कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि व्यक्ति को कोई खास लक्षण नहीं होते, फिर भी वह संक्रमित होता है. यही वजह है कि यह वायरस चुपचाप फैल सकता है. अभी की स्थिति पहले जैसी खतरनाक नहीं मानी जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लग चुकी है. वैक्सीन के कारण शरीर में वायरस से लड़ने की ताकत बनी हुई है, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा कम हो गया है. इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि लापरवाही करना सही नहीं है. क्योंकि कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

ऐसे करें बचाव 

अब भी कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें. अगर बुखार, खांसी या गले में दर्द जैसे लक्षण दिखें तो जांच कराएं. बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें. कोरोना समय-समय पर नए रूप में सामने आता रहता है. इस बार XFG वैरिएंट के कारण केस बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरी है कि हम जागरूक रहें, छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें.

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