एयरनाउ डेस्क : Under 19 वर्ल्ड कप का फाइनल शुक्रवार को हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 412 रन का टारगेट दिया। पहली बार भारत ने अन्डर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 400 का आंकड़ा पार किया। वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाते हुए मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की पारी खेली और 14 साल की उम्र में फाइनल में सबसे तेज़ शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बने।
वैभव ने हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में इंग्लैंड के गेंदबाजों को अपने बल्लेबाजी से हैरान कर दिया। इंग्लैंड के गेंदबाज वैभव के सामने असमर्थ नज़र आ रहे थे। फाइनल में सबसे ज़्यादा छक्कों का रिकॉर्ड भी वैभव सूर्यवंशी ने अपने नाम किया। इसके अलावा वैभव का ये शतक अन्डर 19 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे तेज़ शतक था, और वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले वैभव तीसरे भारतीय बने। अन्डर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बैट्समैन भी बनाए। वैभव के अलावा फाइनल में पहले ऐसा करने वाले भारतीय उन्मुक्त चंद और मँजोत कालरा थे।
टीम इंडिया के कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के साथ मिलकर 142 रनों की साझेदारी की। उन्होंने इस मैच में 51 गेंदों पर 53 रनों की पारी खेली। बता दें कि अल्बर्ट ने इस टूर्नामेंट में अब बहुत ही शानदार गेंदबाजी की है। अल्बर्ट लिस्ट ए के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट भी खेल चुके हैं। उन्होंने इससे पहले सरे के लिए काउंटी क्रिकेट में एक मैच भी खेला है। इसके अलावा 3 मैच भी खेल चुके हैं लिस्ट ए क्रिकेट में, और इस मुकाबले से पहले 6 मैचों में 10 विकेट भी लिए हैं। लेकिन वो भी वैभव के सामने लाचार नजर आए।


