हिंदी सिनेमा: सुनील शेट्टी आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। 65 साल की उम्र में भी सुनील शेट्टी अपनी फिटनेस और ऐक्टिंग को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनके जन्मदिन पर फैंस और बॉलीवुड से जुड़े लोग उन्हे शुभकामनाएं दे रहे हैं। हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और अलग आवाज के लिए मशहूर सुनील शेट्टी को फैंस प्यार से “अन्ना” कहते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड में खास पहचान भी बनाई है।
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सुनील शेट्टी का सफर आसान नहीं रहा। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों को समझा और कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने मुंबई में होटल से जुड़े कई छोटे-बड़े काम भी किए। इस दौरान उन्होंने मेहनत और जिम्मेदारी को करीब से समझा। सुनील शेट्टी ने बॉलीवुड में कदम रखने के बाद अपनी मेहनत से दर्शकों के बीच जगह बनाई। एक्शन फिल्मों में उनके अभिनय को खास पसंद किया गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तहर के किरदार निभाकर अपनी पहचान को और मजबूत किया।
सुनील शेट्टी ने साल 1992 में फिल्म ‘बलवान’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। उनकी पहली फिल्म में ही उनका एक्शन अंदाज दर्शकों को काफ़ी पसंद आया था। इसके बाद उन्होंने एक्शन फिल्मों में अपनी मजबूत जगह बना ली और 90 के दशक में ‘मोहरा’, ‘दिलवाले’, ‘बॉर्डर’, ‘गोपीकिशन’ और ‘भाई’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले और खास तौर पर ‘बॉर्डर’ में भैरों सिंह का किरदार दर्शकों को काफी पसंद आया।
सुनील शेट्टी ने न सिर्फ हीरो का रोल निभाया है बल्कि विलन के किरदार में भी खूब नाम कमाया है। फिल्म ‘धड़कन’ में उन्होंने देव का नकारात्मक किरदार निभाकर दर्शकों को चौंका दिया था। उनके इस किरदार को काफी पसंद किया गया और इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था। इस फिल्म ने यह बात साबित कर दि कि सुनील शेट्टी हर तरह की भूमिकाएं बेहतरीन तरीके से निबाह सकते हैं।
एक्शन फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के बाद सुनील शेट्टी ने कॉमेडी में भी अपनी अलग जगह बनाई है। साल 2000 में आई फिल्म ‘हेरा फेरी’ में उन्होंने श्याम का किरदार निभाया था जिसमे अक्षय कुमार ने राजू का किरदार और परेश रावल ने बाबूराव का किरदार निभाया था। तीनों की जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई। फिल्म की सफलता के बाद श्याम का किरदार उनकी सबसे लोकप्रिय भूमिकाओं में शामिल हो गया। ‘फिर हेरा फेरी’ में भी उनकी कॉमेडी को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
फिल्मों के साथ-साथ सुनील शेट्टी ने कारोबार की दुनिया में भी कदम रखा और यहाँ भी सफलता हस्सिल की। उनकी कहानी यह बताती है कि मेहनत, लगन, और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश से मुश्किल रास्तों को भी आसान बनाया जा सकता है। सुनील शेट्टी कई बार अपने पिता वीरप्पा शेट्टी से मिली सीख और उनकी मेहनत का जिक्र कर चुके हैं। उनके पिता ने भी काफी संघर्ष किया था। सुनील शेट्टी के लिए उनके पिता की मेहनत और सादगी हमेशा प्रेरणा रही है।

