लाइफस्टाइल डेस्क : भागदौड़, बिगड़ा खानपान और स्ट्रेस की वजह से एसिडिटी अब हर दूसरे इंसान की प्रॉब्लम बन गई है। सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट भारी लगना दिनभर का मूड खराब कर देता है। तुरंत राहत के लिए लोग एंटासिड या दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन ये परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है।
Highlights:
एसिडिटी से हमेशा के लिए छुटकारा चाहिए तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। योग पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को कंट्रोल करता है। ये 5 आसान आसन आपको तुरंत और लंबे समय तक राहत देंगे।
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वज्रासन – खाने के बाद करें ये आसन

ये अकेला ऐसा योग है जो खाना खाते ही किया जा सकता है। ये पेट की तरफ ब्लड फ्लो बढ़ाकर डाइजेशन तेज करता है।
कैसे करें: जमीन पर घुटने मोड़कर पैरों के पंजों पर बैठ जाएं। एड़ियां बाहर और अंगूठे मिले हों। पीठ-गर्दन सीधी रखें, हाथ घुटनों पर। गहरी सांस लें।
फायदा: हैवी मील के बाद 5-10 मिनट करने से गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी नहीं होती।
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पवनमुक्तासन – गैस निकालने का रामबाण

नाम से ही पता चलता है – ये पेट में फंसी गैस और एक्स्ट्रा एसिड को बाहर निकालता है।
कैसे करें: पीठ के बल लेट जाएं। दोनों घुटने मोड़कर छाती से लगाएं। हाथों से घुटने पकड़कर पेट की तरफ दबाएं। सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से छुआने की कोशिश करें।
फायदा: पेट के अंगों की मसाज होती है, कब्ज और खट्टी डकारों से तुरंत राहत मिलती है।
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उष्ट्रासन – कैमल पोज

ये छाती और पेट को स्ट्रेच करता है, जिससे एसिड ऊपर न आकर रिफ्लक्स रुकता है।
कैसे करें: घुटनों के बल खड़े हों। धीरे-धीरे पीछे झुकें और दाएं हाथ से दाईं एड़ी, बाएं हाथ से बाईं एड़ी पकड़ें। गर्दन पीछे ढीली छोड़ दें।
फायदा: पेट की मसल्स खुलती हैं, डाइजेशन सुधरता है और सीने की जलन कम होती है।
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पश्चिमोत्तानासन – आगे झुकने वाला आसन

ये सीधे पेट के अंदरूनी अंगों पर प्रेशर डालकर उन्हें एक्टिव करता है।
कैसे करें: पैर सीधे फैलाकर बैठें। सांस भरकर हाथ ऊपर ले जाएं। सांस छोड़ते हुए आगे झुकें और पैरों के अंगूठे पकड़ें। कोहनी जमीन पर और सिर घुटने से लगाने की कोशिश करें।
फायदा: लिवर-किडनी टोन होते हैं, खाना अच्छे से पचता है और एसिडिटी की समस्या ही नहीं होती।
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शवासन – स्ट्रेस कम करें

ज्यादा टेंशन लेने से भी पेट में एसिड बनता है। शवासन दिमाग और बॉडी दोनों को रिलैक्स करता है।
कैसे करें: पीठ के बल लेट जाएं। पैरों में थोड़ी दूरी, हाथ शरीर से अलग हथेली ऊपर। आंखें बंद करके सांस पर ध्यान लगाएं। शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें।
फायदा: नर्वस सिस्टम शांत होता है, स्ट्रेस घटता है और पेट का एसिड बैलेंस बना रहता है।
टिप: योग खाली पेट या खाने के 2 घंटे बाद करें। एसिडिटी की समस्या ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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