रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बीते 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से 4 सितंबर तक नो मैपिंग वाले मतदाताओं के साथ साथ वैसे मतदाता, जिन्हें अनुपस्थित करार दिया गया, वह अपने आधार कार्ड के साथ बीएलओ को आवेदन दे सकते हैं. इस बीच आगामी 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तर्क करने में हुई गलती या अन्य श्रेणियों में शामिल मतदाताओं के मामलों को लेकर सुनवाई भी शुरू होगी.
इस सुनवाई की प्रक्रिया से मतदाता सूची को शुद्ध, अपडेट और त्रुटिरहित बनाया जाएगा. संबंधित मतदाताओं को ERO स्तर से नोटिस दिया जाएगा और दस्तावेज जमा करने के लिए पहले सात दिनों का समय मिलेगा. दस्तावेज नहीं देने पर दोबारा संपर्क कर सात दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी पात्र भारतीय नागरिकों से SIR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि SIR के बाद तैयार मतदाता सूची को स्थायी रिकॉर्ड के रूप में रखा जाएगा, इसलिए सभी मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर निर्धारित दस्तावेज समय पर जमा करने चाहिए.
इस दौरान नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में जरूरी सुधार करने और प्राप्त आवेदनों की जांच का काम जारी है. दूसरे राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज ऐसे लोग जो अपनी इच्छा से झारखंड में नाम स्थानांतरित कराना चाहते हैं, उनसे फॉर्म-8 और घोषणा पत्र लेकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है. साथ ही एक ही परिवार के सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने का प्रयास भी किया जा रहा है.


