Saturday, June 13, 2026

बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर लग सकती है मुहर, दिल्ली में नितिन नवीन की अध्यक्षता में BJP की बैठक

पटना: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अब राज्य के नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में अहम कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है। दिल्ली में आयोजित इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता नितिन नवीन करेंगे। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन के बड़े पदाधिकारी शामिल होंगे, जहां बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की जाएगी।

पांच नामों पर हो रहा मंथन

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में करीब पांच प्रमुख नाम शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व इन नामों पर गहन विचार कर रहा है, ताकि ऐसा चेहरा चुना जा सके जो सभी गुटों को स्वीकार्य हो। बैठक में शामिल होने के लिए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा जमुई की विधायक और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को भी विशेष रूप से बुलाया गया है, जिससे सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।

बैठक में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी

इस अहम बैठक में विनोद तावड़े, संजय सरावगी, नित्यानंद राय और संजय जायसवाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। संगठन स्तर पर भीखू भाई दलसानिया और नागेंद्र की मौजूदगी भी अहम मानी जा रही है। BJP का प्रयास है कि मुख्यमंत्री पद के लिए ऐसा नेता चुना जाए जो सभी गुटों के बीच संतुलन बनाए रख सके और आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूत स्थिति में ले जाए। खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना जताई जा रही है।

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संभावित कार्यक्रम का खाका

राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार 11 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेकर पटना लौटेंगे। 12-13 अप्रैल को NDA के घटक दल अपने-अपने नेताओं का चयन करेंगे। 14 अप्रैल को NDA विधायक दल के नेता का ऐलान और नीतीश कुमार का इस्तीफा होगा। 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का समारोह होगा। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले बिहार में नया नेतृत्व तय हो जाए, ताकि सभी नेता महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। बिहार की राजनीति इस समय बेहद निर्णायक दौर में है। अब सभी की नजरें BJP की इस बैठक और उसके बाद होने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो राज्य की आगे की राजनीतिक दिशा तय करेगा।

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