जमशेदपुर : झारखंड की लौहनगरी यानी जमशेदपुर हाल के दिनों व महीनों में हुई कई आपराधिक व फॉयरिंग की घटनाओं के बाद अब यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि लौह नगरी क्या अब अपराध व वर्चस्व की नई भूमि बन गई है खासकर शहरी इलाकों में जमीन अब सिर्फ जमीन नहीं रही. इसके इर्द-गिर्द बढ़ती कारोबारी गतिविधियों, प्रभावशाली लोगों की सक्रियता और आपराधिक घटनाओं ने पूरे शहर में हलचल बढ़ा दी है। डोबो से सोनारी तक जमीन के कारोबार में वर्चस्व की कथित लड़ाई अब गोलियों की आवाज तक पहुंचने की चर्चा है।
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कपाली ओपी क्षेत्र का डोबो इलाका लंबे समय से जमीन कारोबार को लेकर चर्चा में रहा है। सूत्रों के अनुसार, यहां जमीन के धंधे में अलग-अलग गुटों के बीच प्रभाव कायम करने को लेकर खींचतान की स्थिति बनी हुई है। पुराने विवाद, कारोबारी हित और वर्चस्व की कोशिशों को कई घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
निखर सबलोक हत्याकांड के बाद बिंदल मॉल में दिनदहाड़े हुई फायरिंग ने शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या जमीन का कारोबार शहर में आपराधिक वर्चस्व की नई जमीन तैयार कर रहा है?
जमीन के कारोबार में दबंग किस्म के लोगों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले युवकों की कथित सक्रियता को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। अब एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।शहर के तेजी से फैलते इलाकों में जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ कारोबार भी बढ़ा है।


